चेन्नई , जनवरी 09 -- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने शुक्रवार को दोहराया कि उनकी पार्टी की द्रविड़ियन मॉडल की सरकार हमेशा सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने को सर्वोच्च महत्व देती रही है। उन्होंने समाज के हर वर्ग के लिए समानता और कल्याण पर राज्य के लंबे समय से चले आ रहे फोकस की पुष्टि की।
मुख्यमंत्री ने यहां 'उंगल कनवा सोल्लुंगा' (अपने सपने बताइए) कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर बोलते हुए कहा कि राज्य सरकार की नीतियां शिक्षा, कौशल विकास, आवास, स्वास्थ्य सेवा, बुनियादी ढांचे और वंचित वर्गों के लिए लक्षित सहायता जैसी व्यापक कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से सामाजिक न्याय प्रदान करने पर केंद्रित हैं।
उन्होंने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य उत्पीड़ित समुदायों का उत्थान करना, सामाजिक-आर्थिक असमानताओं को पाटना और सभी नागरिकों के लिए गरिमा एवं समान अवसर को बढ़ावा देना है।
मुख्यमंत्री स्टालिन के नेतृत्व में सरकार ने सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने और भेदभाव को कम करने के उद्देश्य से कई सुधार और कार्यक्रम लागू किए हैं, जो तर्कवाद और सामाजिक सुधार आंदोलनों में निहित तमिलनाडु की ऐतिहासिक समानतावादी परंपरा के अनुरूप हैं।
श्री स्टालिन का यह बयान ऐसे समय आया है, जब राज्य सरकार विधानसभा चुनावों से पहले सभी वर्गों के लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से नई कल्याणकारी योजनाएं लागू कर रही है, जो उनकी प्रशासनिक सोच में समावेशी शासन की प्राथमिकता को दर्शाता है। 'उंगल कनवा सोल्लुंगा' योजना के पायलट चरण के तहत राज्य भर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 1.91 करोड़ परिवारों से संपर्क किया जाएगा। इसके लिए करीब 50,000 प्रशिक्षित स्वयंसेवक, मुख्य रूप से महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़े, घर-घर जाकर परिवारों से उनकी प्रतिक्रिया और आकांक्षाएं एकत्र करेंगे।
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