चेन्नई , नवंबर 04 -- तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रमुक और उसके सहयोगी दलों के कड़े विरोध के बावजूद चुनावों से पहले मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) मंगलवार को शुरू हो गया। राज्य में अगले छह-सात महीने में चुनाव होने वाले हैं।

मतदाता सूचियों की एक महीने तक चलने वाली जांच दिसंबर तक जारी रहेगी, जिसके बाद जनवरी महीने के दूसरे सप्ताह में मसौदा मतदाता सूचियां प्रकाशित की जाएंगी और फरवरी 2026 में अंतिम मतदाता सूचियां प्रकाशित की जाएंगी।

अधिकारियों ने बताया कि तमिलनाडु के सभी 234 विधानसभा क्षेत्रों में बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) सहित लगभग 77,000 अधिकारियों की भागीदारी के साथ मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया घर-घर जाकर आयोजित की जाएगी।

इस प्रक्रिया में चार चरण शामिल हैं - 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक, बीएलओ घर-घर जाकर आंशिक रूप से पहले से भरे हुए गणना फॉर्म वितरित और एकत्र करेंगे। मतदाता सूची का मसौदा 9 दिसंबर को प्रकाशित किया जाएगा, जिससे नागरिक 8 जनवरी, 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। विस्तृत सत्यापन के बाद अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी, 2026 को जारी की जाएगी।

इस व्यापक संशोधन का उद्देश्य 1 जनवरी, 2026 तक पात्र नए मतदाताओं को जोड़ना, अपात्र या डुप्लिकेट प्रविष्टियों को हटाना और एक सटीक मतदाता डेटाबेस बनाए रखना है।

तमिलनाडु की मुख्य निर्वाचन अधिकारी सुश्री अर्चना पटनायक ने कहा कि इस प्रक्रिया के तहत मंगलवार से 04.12.2025 तक घर-घर जाकर गणना की जाएगी। बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) सभी मौजूदा मतदाताओं को आंशिक रूप से पहले से भरे हुए गणना प्रपत्रों की दो प्रतियां वितरित करने और उन्हें प्रपत्र भरने में मार्गदर्शन करने के लिए प्रत्येक घर का दौरा करेंगे।

यदि बीएलओ को लगता है कि कोई घर बंद है, तो उसे कम से कम तीन बार दौरा करना होगा। मतदाता अपने गणना प्रपत्र डाउनलोड करके भरे हुए प्रपत्र ऑनलाइन जमा भी कर सकते हैं। बीएलओ भरे हुए फॉर्म एकत्र करेंगे और गणना फॉर्म की एक प्रति में पावती प्रदान करेंगे, जिसे मतदाता अपने पास रखेंगे। बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर ऑनलाइन जमा किए गए फॉर्म का सत्यापन भी किया जाएगा।

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