मुंबई , फरवरी 18 -- वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि अगले दो दशक में भारत दुनिया की अर्थव्यवस्था में 26 ट्रिलियन डॉलर (26 लाख करोड़ डॉलर) और जोड़ेगा।

श्री गोयल ने यहां वैश्विक आर्थिक सहयोग (जीईसी) 2026 सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कहा, "अब से 2047 के बीच भारत की अर्थव्यवस्था में लगभग 26 ट्रिलियन डॉलर की वृद्धि होने की अपेक्षा है - यह विकास का ऐसा अवसर है जो इतिहास में अद्वितीय है और दुनिया में कहीं और दोहराया जाना कठिन है।"उन्होंने कहा कि आर्थिक अलगाव का युग अब पीछे छूट चुका है। यही कारण है कि भारत गठबंधन बना रहा है, दूसरे देशों के साथ मित्रता गहरी की जा रही है और व्यापार समझौते किया जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले चार साल में नौ समझौते किये गये हैं और आगे भी यह क्रम जारी रहेगा।

वाणिज्य मंत्री ने कहा कि हर व्यापार वार्ता में राष्ट्रीय हित का ध्यान रखा जाता है, किसानों, उद्यमियों, छोटे तथा मझौले उद्यमों, महिलाओं और उद्योगों के लिए सुरक्षित अवसर सुनिश्चित किया जाता है और संवेदनशील क्षेत्रों की रक्षा की जाती है।

फ्यूचर इकोनॉमिक कोऑपरेशन काउंसिल (एफईसीसी) द्वारा विदेश मंत्रालय और महाराष्ट्र सरकार के सहयोग से आयोजित जीईसी में फ्रांस, ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, सेशेल्स, श्रीलंका, सिंगापुर सहित प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के वरिष्ठ मंत्री और व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडल हिस्सा ले रहे हैं।

श्री गोयल ने कहा, "हमारे लिए मुक्त व्यापार समझौता भारत के भविष्य में साझेदारी का निमंत्रण है, उस यात्रा का हिस्सा बनने का अवसर है, जो देश को आज की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से 2027-28 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और अंततः 2047 तक 30-35 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाले विकसित राष्ट्र में परिवर्तित करेगी।"उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यापार वार्ताओं में किसानों की सुरक्षा, छोटे तथा मझौले उद्यमों के विकास, मछुआरों की रक्षा और देश में रोजगार को ध्यान में रखा गया है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि दुनिया एक अस्थिर और अनिश्चित युग में प्रवेश कर चुकी है, जहां लंबे समय से चली आ रही धारणाओं पर प्रश्न उठाये जा रहे हैं और प्रमुख आयाम एक साथ बदल रहे हैं। स्रोत से लेकर उत्पादन और बाजार तक हर स्तर पर जोखिम कम करने और विविधीकरण का तर्क लगातार प्रबल हो रहा है। साल 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए भारत न केवल वैश्विक विकास में योगदान देना चाहता है, बल्कि वैश्विक स्थिरता, नीतियों में स्थिरता और विश्वास में भी योगदान देना चाहता है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि वैश्विक व्यापार में बड़ा बदलाव हो रहा है, आपूर्ति शृंखलाएं बदल रही हैं और सेमीकंडक्टर, ऊर्जा, खाद्य, दुर्लभ खनिज और एआई जैसे रणनीतिक क्षेत्र अब राष्ट्रीय सुरक्षा सिद्धांतों में शामिल हो चुके हैं। आर्थिक कूटनीति के इस युग में भारत का उदय विकास और समृद्धि पर केंद्रित एक संरचनात्मक खाके पर आधारित है।

भारत फोर्ज लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक बाबा कल्याणी ने कहा कि विश्व व्यवस्था में तेजी से हो रहे परिवर्तनों के बीच भारत स्थिरता, विकास और संसाधन प्रदान करता है। भारत की वृद्धि वैश्विक मूल्य शृंखलाओं को आवश्यक मजबूती प्रदान करेगी।

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