जयपुर , दिसम्बर 14 -- राजस्थान में झुंझुनूं और सीकर जिले के बीच सीमा पर हुए दो कुख्यात गिरोहों के संघर्ष में दो बदमाशों की मौत के मामले में पुलिस ने दोनों गिरोहों के सात बदमाशों को गिरफ्तार किया है।

जयपुर रेंज के जयपुर महानिरीक्षक एच.जी.आर. सुहास ने रविवार को बताया कि पुलिस जांच में सामने आया कि यह संघर्ष मुख्य रूप से भादवासी, सीकर में स्थित जमीनी विवाद और पुरानी रंजिश का नतीजा था। श्रवण भादवासी गिरोह ने कटेवा गिरोह द्वारा नवम्बर 2024 में सुरेश मुवाल पर किए गए जानलेवा हमले का बदला लेने के लिए 50 लाख रुपये की सुपारी दी थी।

उन्होंने बताया कि सुपारी लेकर कुख्यात बदमाश कृष्णकान्त उर्फ गोलू स्वामी और उसके साथी स्विफ्ट डिजायर कार में आए थे, जिन्होंने रविन्द्र कटेवा के घर के सामने गोलीबारी की। इसमें सुनील सुण्डा मारा गया। गोलीबारी के बाद रविन्द्र कटेवा और उसके साथियों ने हमलावरों का पीछा किया। खेत में हुई जवाबी भिड़ंत में हमलावर गिरोह का सदस्य और सुपारी लेने वाला मुख्य आरोपी कुख्यात बदमाश कृष्णकान्त उर्फ गोलू स्वामी भी मारा गया।

श्री सुहास ने बताया कि पुलिस ने घटना में शामिल श्रवण भादवासी गिरोह के पिन्टू भीचरी उर्फ शूटर (25), राजू सिंह उर्फ राजू और नन्दु सिंह उर्फ फौजी (28) को सीकर पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार किया। आरोपियों से एक देशी पिस्तौल, एक देशी कट्टा, एक खाली कारतूस और घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर गाड़ी जब्त की गयी है।

उन्होंने बताया कि दूसरी ओर गिरोह सरगना रविन्द्र कटेवा (26) और उसके साथी विकास बटार (26), संदीप गिल (31) और पंकज रूलानिया (29) को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त आठ महंगी गाड़ियां जब्त की गई हैं, जिनमें तीन थार, तीन कैम्पर, एक फॉर्च्यूनर और एक ब्रेजा शामिल हैं।

श्री सुहास ने बताया कि दोनों मामलों में फरार नामजद आरोपियों अनिल, शुभकरण बाजिया, कुख्यात बदमाश अरविन्द, राहुल सैनी, मनोज महला, श्रवण भादवासी, राजपाल भादवासी, सुरेश मुहाल आदि की गिरफ्तारी के लिए 50-50 हजार रुपये के इनाम घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है।

आईजी सुहास ने बताया कि दोनों गिरोहों के खिलाफ हत्या, गोलीबारी और भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं में मामल दर्ज करके जांच की जा रही है।

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