देहरादून , जनवरी 20 -- उत्तराखंड के देहरादून में दून ऑटो रिक्शा यूनियन ने मंगलवार को ई-आटो रिक्शा के पंजीकरण बंद करने व टैक्स वाले ऑटो की परमिट परिधि मे किलोमीटर के दायरे बढ़ाये जाने समेत अन्य मांगों को लेकर मुख्यमंत्री की ओर आवास कूच किया लेकिन पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को राजपुर रोड स्थित ग्लोब चौक के पास रोक दिया।
इसके बाद यूनियन से जुड़े लोग सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।
यूनियन के अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने कहा कि पिछले 55 वर्षों से यहां के ऑटो चालक देहरादून के बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन व होटलों के आसपास अपने वाहन खड़े करते आए हैं। इन स्थानों पर नगर निगम ने यूनियन को चिन्हित करके स्टैंड आबंटित किये हैं। उन्होंने कहा कि देहरादून के ऑटो चालक बाहर से आए पर्यटकों,स्थानीय लोगों को उनके सामान के साथ अपनी मंजिल तक पहुंचाने का काम करते आए हैं।
उसके बावजूद उत्तराखंड सरकार उनके साथ दोहरी नीति अपना रही है,और ऑटो चालकों की रोजी-रोटी छीनने का काम कर रही है। सरकार ने अनेकों प्रकार के वाहन संचालित करने की अनुमति दे रखी है।
यूनियन का कहना है कि देहरादून में दो पहिया वाहन निजी नंबर प्लेटों पर ऑनलाइन तरीके से वाणिज्यिक वाहन के तौर पर जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं। जिसका असर सीएनजी ऑटो रिक्शा चालकों के काम को प्रभावित कर रहा है।
ऑटो रिक्शा यूनियन ने सरकार से इलेक्ट्रॉनिक ऑटो या रिक्शाओं का रजिस्ट्रेशन तत्काल कम से कम 10 वर्ष के लिए बंद किये जाने की मांग उठाई है। इसके अलावा यूनियन ने ऑटो रिक्शा में 3 प्लस 1 के परमिट परिधि की दूरी 25 किलोमीटर से बढ़ाकर 40 किलोमीटर किये जाने और ई-रिक्शाओं को शहर के मुख्य मार्गो से हटाकर गलियों में चलाये जाने की मांग की है।
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