देहरादून , नवंबर 17 -- देहरादून में 14 नवंबर की रात्रि उत्तराखंड के पूर्व उच्चाधिकारी के बेटे के साथ हुई मारपीट मामले पर एसएसपी अजय सिंह ने सोमवार को कहा कि इस पूरे प्रकरण में देहरादून पुलिस ने हरिद्वार जिलाधिकारी को तीन हथियारों का लाइसेंस रद्द करने के लिए पत्र लिखा है।
उन्होंने अपने कार्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि 15 नवंबर को वादी आर यशोर्धन की तरफ से थाना राजपुर पर लिखित शिकायत दर्ज कीगई थी कि 14 नवंबर की रात में दिलाराम चौक से साईं मंदिर की ओर जाते समय जाखन के निकट लैंड क्रूजर और बोलेरो ने उनसे साइड मांगा लेकिन सड़क पर पर्याप्त जगह नहीं होने के चलते वह कार को पास नहीं दे पाए।
इतने में उनमें सवार व्यक्तियों ने उनकी कार को ओवरटेक करके रुकवा दिया और वाहनों से उतरकर उनके साथ गाली गलौज और मारपीट करने लगे एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि वादी की तरफ से दी गई लिखित तहरीर के आधार पर राजपुर थाना क्षेत्र की पुलिस ने 217/25 धारा 115(2)/ के अलावा 324(4) व 351(3) बीएनएस के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है।
उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में पाया गया कि कार सवार दिव्या प्रताप सिंह और कांस्टेबल राजेश सिंह हरिद्वार जिले में नियुक्त हैं। जिनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए देहरादून पुलिस ने जनपद हरिद्वार से पत्राचार किया और उन्हें निलंबित कर दिया गया इसके साथ ही घटना में प्रयुक्त बोलेरो को पुलिस ने जब्त कर लिया है।
देहरादून के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेजों के आधार पर अभियोग में धारा 30 आर्म्स एक्ट व धारा 126/352 अतिरिक्त जोड़ी गई है। साथी आरोपियों के शहर से बाहर होने के कारण उन्हें तीन दिन के भीतर बयानों के लिए उपस्थित होने का नोटिस दिया गया है। इसके अलावा दिव्य प्रताप सिंह के शस्त्र लाइसेंस रद्द करने के लिए हरिद्वार के जिलाधिकारी को देहरादून पुलिस ने पत्र लिखा है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित