देहरादून , फरवरी 12 -- उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बुधवार को तिब्बती मार्केट के समीप हुए गोलीकांड मामले पर पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी पत्रकारों के साथ साझा करते हुए इस हत्याकांड का खुलासा किया है।
देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने गुरुवार देर शाम अपने कार्यालय में पत्रकार से कहा कि 11 फरवरी की सुबह करीब साढ़े दस बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति को तिब्बती मार्केट के पास गोली मार दी गई है।
जब उन्हें दून अस्पताल ले जाया गया,तो वहां मौजूद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान अर्जुन शर्मा के रूप में हुई थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अर्जुन शर्मा नियमित रूप से परेड ग्राउंड के बहुद्देश्यीय क्रीड़ा हॉल में टेनिस खेलने जाया करते थे।
परिजनों ने पुलिस को बताया कि उनका कुछ लोगों के साथ प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था और पारिवारिक क्लेश भी था। इस मामले में मृतक अर्जुन सिंह के परिजनों ने चार लोगों पर हत्या की आशंका जताई थी। यह घटना काफी सनसनीखेज थी,मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर जांच शुरू की।
पुलिस ने दो आरोपियों की शिनाख्त करते हुए उनकी घेराबंदी शुरू कर दी। इस दौरान दोनों आरोपियों ने पुलिस पार्टी पर फायर झोंक दिया।
इसी क्रम में रात में ही रायपुर और डोईवाला थाने में मुकदमा पंजीकृत किया गया, पुलिस मुठभेड़ में घायल दोनों आरोपितों को उपचार के लिए कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्रोटोकॉल के तहत उनसे हुई पूछताछ और अलग-अलग टीमों की ओर से एकत्रित किए गए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
जांच में पता चला कि पकड़ा गया आरोपी पंकज राणा, विनय उर्फ विजय उनियाल के यहां ड्राइवर के रूप में काम करता था। दूसरा आरोपी उसका सगा भाई है और दोनों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के बदले आरोपियों को तीन लाख रुपये एडवांस दिए गए थे, जबकि नौ लाख रुपये बाद में देने की बात तय हुई थी। कॉल रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि आरोपियों के बीच लगातार व्हाट्सएप कॉल के जरिए संपर्क हो रहा था।
मामले की जड़ में एक बहुमूल्य जमीन का विवाद बताया जा रहा है। मृतक की पत्नी के अनुसार करीब 14 करोड़ रुपये में जमीन का एग्रीमेंट हुआ था, जिसमें मृतक का भी हिस्सा था।
उन्होंने इस सौदे पर आपत्ति जताई थी और सिविल कोर्ट से स्टे ऑर्डर भी ले लिया था, जिससे दाखिल-खारिज की प्रक्रिया रुक गई थी।
पुलिस के अनुसार, इसी विवाद के चलते साजिश रची गई और हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया। फिलहाल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच गतिमान है।
पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान अन्य साक्ष्यों को जोड़कर आगे की कार्रवाई की जाएगी और जल्द ही मामले में विस्तृत अपडेट साझा किया जाएगा।
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