देहरादून , जनवरी 01 -- उत्तराखंड के ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने गुरुवार को देहरादून के परेड ग्राउंड में ऊन एक्सपो राष्ट्रीय प्रदर्शनी का रिबन काटकर विधिवत शुभारंभ किया। श्री जोशी ने प्रदर्शनी में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन कर ऊन उद्योग से जुड़े उत्पादों के नई तकनीकों की जानकारी ली।
श्री जोशी ने प्रदेशवासियों को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं और आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि यह प्रदर्शनी केवल उत्पादों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि कृषि, पशुपालन, ग्रामीण आजीविका, नवाचार और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कि भारत एक कृषि प्रधान देश रहा है और पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि ऊन उत्पादन से पर्वतीय, मरुस्थलीय और ग्रामीण क्षेत्रों के लाखों किसान, पशुपालक, कारीगर और महिलाएं प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हुई हैं। यह उद्योग आय का साधन होने के साथ-साथ हमारी परंपरा, कौशल और संस्कृति का संवाहक भी है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में ऊन उद्योग को तकनीक आधारित और गुणवत्ता केंद्रित बनाना समय की मांग है। इसके लिए उन्नत नस्ल विकास, वैज्ञानिक पशुपालन, ऊन की ग्रेडिंग, प्रोसेसिंग और मानकीकरण, आधुनिक मशीनरी, अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देना आवश्यक है। सरकार इस दिशा में नीतिगत सहयोग, प्रशिक्षण कार्यक्रम और संस्थागत समर्थन लगातार प्रदान कर रही है।
श्री जोशी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को केवल उत्पादक ही नहीं बनाना है बल्कि उन्हें सीधे बाजार से जोड़ना भी है। मूल्य संवर्धन को प्रोत्साहित करना और सहकारी संस्थाओं और किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के माध्यम से संगठित ढांचा विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है।
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