जयपुर , मई 01 -- केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से आज देश का युवा डिग्री और सर्टिफिकेट से आगे बढ़कर अपने कौशल एवं सामर्थ्य संवर्धन के प्रयास कर रहा है।

श्री प्रधान आज यहां बिड़ला ऑडिटोरियम में विदेशी भाषा संचार कौशल कार्यक्रम के लिए एमओयू कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान के युवाओं में मेहनत, नवाचार, उद्यमिता के साथ भाषाओं और संस्कृतियों को आत्मसात करने की नैसर्गिक प्रतिभा है।

उन्होंने कहा कि यूरोपीय यूनियन के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से युवाओं को विदेशी भाषा से संबंधित रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने भाषा को केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और समझने का माध्यम बताते हुए कहा कि विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें शिक्षा को बहुभाषी और अंतरराष्ट्रीय बनाने पर जोर दिया गया है।

श्री प्रधान ने कहा कि फ्रेंच, जर्मन, जापानी, कोरियन और स्पेनिश जैसी भाषाएं सीखने से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। आने वाले समय में राजस्थान की लोक कथाएं जैसे पृथ्वीराज चौहान की गाथा विदेशी भाषा में अनुवादित होगी और दुनिया तक पहुंचेगी। जापान और कोरिया जैसे देशों में रोजगार की व्यापक संभावनाएं हैं। हमारे युवा इन देशों की भाषाएं सीखते हैं, तो वे न केवल सॉफ्टवेयर बल्कि हार्ड ट्रेड और मार्केटिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में भी अवसर पा सकते हैं।

इस अवसर पर केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्यमंत्री जयन्त चौधरी ने कहा कि श्री मोदी के नेतृत्व में शिक्षा नीति में मातृभाषाओं को प्राथमिक शिक्षा का आधार बनाया गया है। स्थानीय भाषा हमारे गौरवशाली अतीत संजोए रखने के साथ हमे विश्वास देती है, हमारी जड़ों से हमारा भावनात्मक जुड़ाव मजबूत करती है।

उन्होंने कहा कि विदेशी भाषा संचार कौशल के लिए हुए एमओयू भारतीय छात्रों के लिए दुनिया भर में संभावनाओं के द्वार खोलने का काम करेंगे। जिससे हमारे युवाओं के कौशल एवं हुनर को वैश्विक मंच मिलेगा। श्री चौधरी ने कहा कि पीएम सेतु में राजस्थान में बेहतरीन काम हुआ है।

कार्यक्रम में राज्य सरकार तथा इंग्लिश एंड फॉरेन लैंग्वेजेज यूनिवर्सिटी, हैदराबाद के मध्य विदेशी भाषा संचार कौशल कार्यक्रम के लिए एवं स्किल इंडिया इन्टरनेशनल सेंटर जयपुर की स्थापना के लिए राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के मध्य एमओयू का आदान-प्रदान किया गया।

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