बारां , दिसम्बर 26 -- राजस्थान में हाड़ौती संभाग के बारां जिले का उत्पादित गेहूं अपनी उच्च गुणवत्ता, अनोखे स्वाद के लिए देशभर में प्रसिद्ध है।
यहां से उत्पादित गेहूं देश के कई राज्यों में भेजा जाता है। यही कारण है कि दो दशक में बारां जिले में गेहूं के कारोबार का रुझान काफी तेजी से बढ़ गया है। बारां जिले के गेहूं की मांग बढ़ने से अनाज साफ करन वाले संयंत्रों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। वर्तमान में 10 से अधिक संयंत्रों से व्यापारी कारोबार कर रहे हैं। इन संयंत्रों के संचालक वर्तमान में गेहूं की सर्वश्रेष्ठ गुणवत्ता के लिए आधुनिक संयंत्रों का उपयोग कर रहे है। इन संयंत्रों में जर्मनी और बैंकॉक की मशीनों से गेहूं को साफ किया जाता है।
एक मोटे अनुमान के अनुसार बारां की ख्यातनाम कृषि उपज मंडी में करीब दो दशक पूर्व बिना देरी के नमूनों से गेहूं की बिक्री होती थी। 1998- 99 से देरी प्रक्रिया के तहत मंडी में बिक्री शुरू हुई। उस समय किसान के माल पर चलनी लगाने की प्रथा थी, ताकि माल साफ हो सके। इसमें करीब दस प्रतिशत खराबी के बावजूद भी कंकर और डंठल रहते थे। वर्तमान में इन सबका स्थान आधुनिक संयंत्रों ने ले लिया है।
सूत्रों के मुताबिक बारां मंडी में एक दशक पहले तक करीब 40 संयंत्र कार्यरत थे, लेकिन जिले में फसल चक्र परिवर्तन से उत्पादन में गिरावट के चलते आधे ही संयंत्र चालू हैं। छह संयंत्र लहसुन की सफाई के लिए चल रहे हैं। इनका उत्पादन भी कई राज्यों को भेजा जाता है।
इस कारोबार से जुड़े व्यापारी बताते हैं कि उच्च गुणवत्ता के चलते यहां से गेंहूं पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली सहित कई राज्यों में भेजा जाता है। यहां की अनुकूल मिट्टी और जलवायु के चलते गेहूं में स्वाद और लोच बनी रहती है। यहां से करीब 20 लाख क्विंटल गेहूं की सफाई की जाती है। अधिक मांग होने पर मध्यप्रदेश के निकटवर्ती क्षेत्र से भी अच्छी गुणवत्ता का गेहूं मंगवाकर आपूर्ति की जाती है।
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