तेहरान , फरवरी 11 -- ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने इस्लामी क्रांति की 47वीं सालगिरह पर आयोजित जश्न के मौके पर बुधवार को कहा कि पूरी दुनिया को अपने देश की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरे ईरानियों का साक्ष्य बनना चाहिए।

संवाद समिति इरना की एक रिपोर्ट के अनुसार, श्री पेज़ेश्कियान ने राजधानी के आज़ादी स्क्वेयर पर जमा हुई विशाल भीड़ को संबोधित करते हुए कहा, "पूरी दुनिया को आज देखना चाहिए कि ईरान के लोग देशभर में लाखों की तादाद में सड़कों पर उतरे हैं, ताकि अपनी क्रांति की रक्षा कर सकें, अपने नेतृत्व की आज्ञा का पालन कर सकें और अपने मूल्यों एवं जमीन की रक्षा कर सकें।"सन् 1979 की इस्लामी क्रांति की 47वीं सालगिरह मनाने के लिए ईरान भर के शहरों, कस्बों और गांवों में लोग बुधवार सड़कों पर उतर आए। जश्न स्थानीय समयानुसार सुबह 9:30 बजे शुरू हुआ, जिसमें लोग विदेशी साज़िशों के बीच सरकार के समर्थन में ईरान इस्लामी गणराज्य के ध्वज लिए हुए थे। ईरान के आखिरी शाह मोहम्मद रज़ा पहलवी का शासन 11 दिन के प्रदर्शन के बाद 47 साल पहले इसी दिन गिरा था।

यह जश्न देश भर के 1,400 से ज़्यादा ज़िलों और शहरों के साथ-साथ 40,000 से ज़्यादा गांवों में हुआ। इस साल के मार्च के रास्तों को शहीदों की तस्वीरों से सजाया गया था। तेहरान में रैलियां आज़ादी स्क्वायर को अपनी मंज़िल बनाकर की गयीं, जिसमें आयोजन के लिए 13 रास्ते और तय किये गये थे।

राष्ट्रपति ने कहा कि 1979 की लोकप्रिय क्रांति न्याय स्थापित करने, ईरान की स्वतंत्रता की रक्षा करने और यह दिखाने के लिये हुई थी कि ईरानी और मुसलमान अपनी ताकत, इच्छाशक्ति, ज्ञान और कला के दम पर अपना देश बना सकते हैं तथा सम्मान एवं स्वतंत्रता हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका और यूरोप जैसे दुश्मनों ने ईरान को उसके घुटनों पर लाने की हर मुमकिन कोशिश की, लेकिन वे ईरानी युवाओं की वीरता और त्याग के आगे हार गये।

श्री पेज़ेश्कियान ने अपनी सरकार की कमियों और गलतियों के लिए माफी मांगते हुए ईरान के लोगों से वादा किया कि उनका प्रशासन लोगों की समस्याओं का हल निकालने के लिए काम कर रहा है।

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