रांची , जनवरी 10 -- झारखंड प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सोनाल शांति ने कहा कि आध्यात्मिक ऊर्जा,भारतीय संस्कृति का मूल स्रोत है। हर तीर्थस्थली इस आध्यात्मिक ऊर्जा का मुख्य केंद्र बिंदु है।
मूल स्रोत ने ही पूरब से लेकर पश्चिम तक और उत्तर से लेकर दक्षिण तक भारत को एकता का सूत्र में पिरो कर रखा है जिसे भाजपा खंडित करना चाहती है। भाजपा सनातन धर्म और अध्यात्म को अपना राजनीतिक हथियार बनाकर रखना चाहती है। जब जब देश में कहीं चुनाव होता है भाजपा के धर्म की दुकान खुल जाती है। जनता के सामने धर्म को रखकर विकास शिक्षा रोजगार जैसे मूल विषयों से ध्यान हटाना चाहती है।
श्री शांति ने कहा कि भारत का स्वाभिमान हमेशा से ऊंचा रहा है जगा रहा है इसे जागने की आवश्यकता नहीं है पूरा विश्व भारत को हर मुद्दे पर स्वाभिमान के साथ मजबूती से खड़ा देखता है। आज जब देश को शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से वृद्धि की आवश्यकता है,तकनीक के इस दौर में वैश्विक स्तर पर विकसित देशों की श्रेणी में खड़ा होना है, 5 किलो राशन पर टिकी 80 करोड़ भारतीय जनता को इस बुरे दौर से निकालना है तब जनता के सामने भाजपा धर्म की अफीम परोस रही है। युवाओं को धार्मिक मुद्दों में उलझाया जा रहा है, उनकी धार्मिक भावनाएं भड़काई जा रही है ताकि समय-समय पर अपने राजनीतिक एजेंडों को पूरा करने के लिए एक नई पौध को भाजपा तैयार कर सके।
श्री शांति ने कहा कि आज का युवा वर्ग हर मुद्दे पर अपनी बेबाक राय रखता है।अपने धर्म,सभ्यता संस्कृति,सांस्कृतिक विरासत को भारत के हर धर्म का युवा अच्छी तरह से समझता है, भाजपा जैसे दलों सेवाओं को सीखने की आवश्यकता नहीं,युवा वर्ग अपने पारिवारिक विरासत से ही समाज और धर्म को समझने की क्षमता रखता है।
भाजपा के शासनकाल में मणिपुर के सैकड़ों युवाओं के हाथ में हथियार है तो वर्षों से राज्य अराजकता का डांस झेल रहा है हजारों हत्याएं हो चुकी है महिलाओं के साथ बलात्कार हो रहे हैं लेकिन उन मुद्दों पर ध्यान देने की फुर्सत भाजपा नेताओं को नहीं है। देश का युवा देश में शांति चाहता है हाथों में हथियार नहीं, रोजगार चाहता है बेरोजगारी की तलवार नहीं। भाजपा को युवाओं के इस जरूरत और सोच को ध्यान में रखना चाहिए।
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