बठिंडा , जनवरी 20 -- संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के आह्वान पर देशभर की खेती-किसानी की मांगों के समर्थन में मंगलवार को पंजाब के बठिंडा में शहीद किसान शुभकरण सिंह के गांव बल्लो, हरियाणा में चौधरी छोटूराम की जन्मस्थली गढ़ी सांपला, राजस्थान के संगरिया (हनुमानगढ़) और उत्तर प्रदेश के लखनऊ, गाज़ियाबाद, मेरठ, अलीगढ़, सम्भल, बुलंदशहर से हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया।

सात फरवरी से कन्याकुमारी से किसान यात्रा शुरू की जाएगी, जो कश्मीर तक जाएगी, उसके बाद 19 मार्च को नयी दिल्ली के रामलीला ग्राउंड में किसानों की बड़ी महापंचायत का आयोजन किया जाएगा, जिसके बाद देशभर के लाखों गांवों से खेती-किसानी की मांगों के समर्थन में पारित कराये गये प्रस्तावों की प्रतियां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सौंपने का कार्य किया जाएगा।

एसकेएम के अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल ने यहां जारी विज्ञप्ति में बताया कि देश के अलग-अलग गांवों से एक ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये गये, जिसमें किसानों की 15 मांगें रखी गयी हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को संबोधित इस ज्ञापन में कहा गया है कि पिछले लंबे समय से सरकारों द्वारा कृषि क्षेत्र की अनदेखी की जा रही है, जिसकी वजह से मजबूर होकर चार लाख से अधिक किसान आत्महत्या कर चुके हैं। कृषि क्षेत्र भारत के आर्थिक विकास की रीढ़ की हड्डी के समान है, कोविड (कोरोना) के दौरान जब तमाम फैक्टरियों पर ताले लग गये थे, तो उस समय भी कृषि क्षेत्र 3.6 प्रतिशत की दर से विकास कर रहा था।

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