अहमदाबाद , दिसंबर 02 -- गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने अरिज खंभाता बेनेवोलेंट ट्रस्ट और रसना फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में यहां आयोजित कार्यक्रम में अहमदाबाद पारसी पंचायत और अरिज़ खंभाता बेनेवोलेंट ट्रस्ट के संयुक्त प्रयासों से निर्मित होने वाले अरिज खंभाता सीनियर सिटीजन होम के 3डी मॉडल का मंगलवार को अनावरण किया।

श्री देवव्रत की उपस्थिति में आज अहमदाबाद में 'द ऑवर ऑफ रिकग्निशन एंड डेडिकेशन' कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में समाज सेवा और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पारसी समुदाय के श्रेष्ठजनों को उन्होंने 'पारसी रत्न' अवॉर्ड से सम्मानित किया और कहा कि देश के विकास में राष्ट्रभक्त पारसी समुदाय का बहुत बड़ा योगदान रहा है। धार्मिक और सामाजिक क्षेत्रों में अपने उत्कृष्ट योगदान से इस समुदाय ने देश में लगातार सम्मान प्राप्त किया है।

राज्यपाल ने कहा कि जो व्यक्ति दूसरे का बन जाए या दूसरे को अपना बना ले, ऐसे व्यक्ति को सफल व्यक्ति कहा जाता है। देश में पारसी समुदाय के आगमन के समय तत्कालीन महाराजा जयसिंह के प्रसिद्ध प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जैसे दूध में चीनी घुलकर मिल जाती है, वैसे ही पारसी समुदाय देश के विकास में घुलमिलकर बड़ा योगदान दे रहा है और आज भी लगातार देश के विकास में अपनी अलग पहचान बनाए हुए है।

उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के शासन के बाद देश में गरीबी थी। ऐसे कठिन समय में पारसी समुदाय ने भारत में उद्योग, शिक्षा, रिसर्च, स्वास्थ्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर प्रेरणादायक कार्य करके देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। टाटा समूह ने देश को पहली स्टील फैक्टरी, पहला हाइड्रो-इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट, पहले आधुनिक होटल, रिसर्च संस्थान, उच्च शिक्षा के लिए विश्वविद्यालय सहित अनेक प्रकार के प्रकल्प दिए हैं। कोरोनाकाल में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला के सक्रिय प्रयासों से हमें तेजी से कोरोना वैक्सीन मिली, जिसने देश दुनिया के लोगों की जान बचाई।

मुंबई को देश की आर्थिक राजधानी बनाने में पारसी समाज का महत्वपूर्ण योगदान है, इसका उल्लेख करते हुए हुए उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले दादाभाई नौरोजी, 1971 की लड़ाई में योगदान देने वाले फील्डमार्शल सैम मानेकशॉ, कार्यक्रम में उपस्थित रिटायर्ड ब्रिगेडियर जहांगीर अंकलेश्वरिया सहित पारसी समुदाय के महानुभावों के योगदान का इस अवसर पर स्मरण किया।

राज्यपाल ने कहा कि पारसी समुदाय हमारे राष्ट्र की बड़ी संपदा है। पारसी समुदाय भले संख्या में कम हो, परन्तु उन्होंने हमेशा समाज को श्रेष्ठ और अधिक देने की भावना दिखाई है। यह समुदाय अपने बच्चों को बचपन से ही समाज कल्याण, लोककल्याण और राष्ट्र निर्माण में योगदान देना सिखाता है। पारसी समुदाय के धार्मिक अग्रणी दस्तो़रजी खुर्शीद दस्तो़र ने अरिज़ खंभाता बेनेवोलेंट ट्रस्ट की कार्यप्रणाली की प्रशंसा करते हुए शुभकामनाएं दीं और कहा कि पारसी समुदाय हमेशा देश के विकास और सामाजिक कल्याण में अपना योगदान देता रहा है।

अरिज़ खंभाता बेनेवोलेंट ट्रस्ट (एकेबीटी) के फाउंडर ट्रस्टी पीरोज खंभाता ने स्वागत में सबका अभिनंदन किया और राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत को सोशल रिफॉर्मर बताते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में शुरू किए गए प्राकृतिक कृषि अभियान, वैदिक अध्ययन जैसे अभियानों ने आज समाज में बड़ा परिवर्तन किया है। राजभवन को लोकभवन घोषित करने के उनके निर्णय की भी सराहना की। इस समारोह में पारसी समुदाय के धार्मिक अग्रणी दस्तोरजी, एकेबीटी की ट्रस्टी पर्सीस अरिज खंभाता, बिनाईसा पीरोज़ खंभाता तथा देशभर से पारसी समाज के अग्रणी और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित