देवरिया , अप्रैल 29 -- उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में बाढ़ निरोधक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। बुधवार को जिलाधिकारी दिव्या मित्तल की अध्यक्षता में विकास भवन के गांधी सभागार में बाढ़ स्टीयरिंग ग्रुप की बैठक आयोजित की गई, जिसमें बाढ़ पूर्व तैयारियों के प्रत्येक बिंदु की गहन समीक्षा की गई और सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिलाधिकारी ने बाढ़ तटबंधों की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के साथ रेनकट, बंधों में बने छिद्र तथा अन्य कमजोर स्थलों को चिह्नित कर प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ नियंत्रण से जुड़ी नई कार्य परियोजनाएं हर हाल में निर्धारित समय से पहले पूरी कर ली जाएं।

उन्होंने अधिशासी अभियंता बाढ़ को आवश्यकता के अनुसार बोल्डर, जियोबैग तथा अन्य जरूरी सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने नाव, नाविकों और गोताखोरों का चिन्हांकन कर उन्हें हर स्थिति के लिए तैयार रखने को कहा। साथ ही यह भी निर्देश दिया कि इनके भुगतान लंबित न रहें।

सभी उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के तटबंधों और संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी को हैंडपंपों का निरीक्षण कराने, खराब हैंडपंपों की मरम्मत कराने तथा उथले हैंडपंपों पर लाल निशान लगवाने को कहा गया।

अधिशासी अभियंता बाढ़ राधेश्याम प्रसाद ने बताया कि जिले में 12 नई बाढ़ निरोधी कार्य परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है, जिन्हें 15 जून 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जनपद में कुल 40 तटबंध हैं, जिनकी कुल लंबाई 241.048 किलोमीटर है। इसके अतिरिक्त 734.78 किलोमीटर लंबाई की 56 ड्रेन तथा 27 रेगुलेटर भी मौजूद हैं।

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