देवरिया, अप्रैल 15 -- उत्तर प्रदेश में देवरिया जिले के बरहज क्षेत्र में गत पांच अप्रैल को जमीन पैमाईश के दौरान बरहज तहसील के अधिवक्ता बिजेंद्र सिंह की मौत के मामले का जिला मजिस्ट्रेट दिव्या मित्तल के आदेश पर आज से न्यायिक जांच शुरू हो गई है।
आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि मंगलवार की देर शाम जिला मजिस्ट्रेट श्रीमती मित्तल ने अधिवक्ता के मौत पर संज्ञान लेते हुए अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) प्रेम नारायण सिंह जांच अधिकारी नियुक्त किया है और आज से मजिस्ट्रियल जांच शुरू भी हो गई है। जांच अधिकारी को तीन दिन में अभिलेखीय तथा स्थलीय जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।
गौरतलब है कि बरहज क्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव में एक सरकारी पैमाईश के दौरान अधिवक्ता बिजेंद्र सिंह की हृदयाघात से मौत हो गई थी और इस मामले में एक ग्राम प्रधान सहित कुछ लोगों पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया है। मृतक अधिवक्ता के परिजन तथा अधिवक्ताओं का आरोप था कि पैमाईश के दौरान बरहज के तत्कालीन एसडीएम विपिन कुमार द्विवेदी और मृतक अधिवक्ता के बीच किसी बात को तकरार हो गई थी और उसके कुछ देर बाद अधिवक्ता बिजेंद्र सिंह की उनके घर पर मौत हो गई थी।
शासन-प्रशासन ने इस मामले में प्रथमदृष्टया दोषी मानते हुए एसडीएम विपिन कुमार द्विवेदी को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी है। इस मामले में करणी सेना भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंवर वीर प्रताप सिंह 'वीरू भैया' ने कल मृतक वकील के परिजनों से मुलाकात की थी। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए तत्कालीन बरहज के उपजिलाधिकारी(एसडीएम)का नाम मुकदमें में शामिल करने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई थी।
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