दंतेवाड़ा , नवंबर 02 -- छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के बैलाडिला लौह नगरी के सीतला मंदिर प्रांगण में बंगिया समाज की महिलाओं द्वारा देवउठनी एकादशी के पावन अवसर पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी तुलसी विवाह का आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया।
सुहागन महिलाओं ने विधिवत रूप से तुलसी माता का पूजन किया। तुलसी पर लाल चुनरी उढ़ाई गई और हल्दी, रोली, चंदन तथा सिंदूर से पूजन-अर्चन संपन्न हुआ। इसके बाद महिलाओं ने एक-दूसरे के गालों पर हल्दी का लेप लगाया और माथे पर सिंदूर लगाकर अपने पति की दीर्घायु और सुखी दांपत्य जीवन की कामना की।
पूरे आयोजन स्थल पर श्रद्धा और भक्ति का माहौल व्याप्त रहा। पारंपरिक गीतों और भजनों की धुन पर महिलाओं ने भगवान विष्णु और तुलसी माता के विवाह उत्सव का आनंद लिया। कार्यक्रम के समापन पर प्रसाद स्वरूप खीर और मिठाई का वितरण किया गया।
यह धार्मिक आयोजन बंगिया समाज की सांस्कृतिक एकता, पारंपरिक आस्था और सामुदायिक सौहार्द का प्रतीक बना रहा, जिसने क्षेत्र में भक्ति और उल्लास का वातावरण निर्मित कर दिया।
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