भोपाल , जनवरी 07 -- मध्यप्रदेश के इंदौर में दूषित पेयजल से लगभग डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों की मौत के मामले को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार आज इंदौर की विभिन्न बस्तियों में 'वॉटर ऑडिट' कर रहे हैं।

इसी बीच पार्टी ने आगामी 11 जनवरी को प्रदेश स्तरीय न्याय यात्रा निकालने की भी घोषणा की है। मध्यप्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने यहां संवाददाताओं को इस बारे में जानकारी दी।

नेता प्रतिपक्ष श्री सिंघार ने इंदौर के मदीना नगर, खजराना समेत कई अन्य कॉलोनियों में पानी का निरीक्षण करते हुए सैंपल लिए। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि कई इलाक़ों में आज भी दूषित पानी आ रहा है।

श्री सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार के 'निकम्मेपन' के चलते उन्होंंने वाटर ऑडिट शुरू किया है, जिसमें दूषित पानी की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने इंदौर के अलग अलग इलाकों में जाकर वहां के स्थानीय लोगों से बातचीत कर पानी की जांच की।

वहीं श्री नायक ने संवाददाताओं से चर्चा में कहा कि भागीरथपुरा सहित इंदौर के कई क्षेत्रों में दूषित पानी से हुई मौतों के वास्तविक आँकड़े भाजपा सरकार द्वारा दबाए जा रहे हैं, जो इस पूरे मामले को और भी गंभीर बनाता है। उन्होंने कहा कि वहाँ हैजा का बैक्टीरिया मिलने की पुष्टि हुई है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या इसकी जानकारी विश्व स्वास्थ्य संगठन को भेजी गई है?कांग्रेस ने इंदौर के महापौर पर एफआईआर दर्ज कर आपराधिक मुकदमा चलाने और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से इस्तीफा लेने की भी मांग की। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस द्वारा 11 जनवरी को सुबह इंदौर में प्रदेश स्तरीय "न्याय यात्रा" / पैदल मार्च का आयोजन करने की भी घोषणा की।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष श्री सिंघार ने कल इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से प्रभावित लोगों के परिजन से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने सरकार पर लगातार लापरवाही के आरोप लगाए थे।

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