देहरादून , जनवरी 10 -- दून उद्योग व्यापार मण्डल ने शनिवार को अंकिता हत्याकांड मामले को लेकर 11 जनवरी को विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक दलों की ओर से बुलाए गए उत्तराखंड बंद में शामिल नहीं होने की घोषणा की।

व्यापार मंडल ने कहा कि जिस अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर रविवार को उत्तराखंड बंद का राजनैतिक दलों ने आह्वान किया है, उसपर पीड़ित पक्ष की माँग को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जांच की संस्तुति कर दी है, इस मामले में विधिक कार्रवाई हो चुकी है, अपराधी आजीवन कारावास की सजा काट रहे है। उसके बावजूद एक औचित्यहीन और राजनीति से प्रेरित बन्द का आह्वान का एक मात्र उदेश्य व्यापारी को नुकसान पहुंचाने है ।सभी व्यापारियों ने इसका एक स्वर में विरोध किया है।

देहरादून के व्यापार मंडल के अध्यक्ष विपिन नागलिया ने कहा कि किसी संगठन ने अपना पक्ष रखते हुए ना तो दून उद्योग व्यापार मण्डल से संपर्क किया है ना ही कोई समर्थन माँगा गया है, एक तानाशाही घोषणा करके व्यापारियों को डराया जा रहा । अगर किसी व्यापारी की दुकान या प्रतिष्ठान जबरदस्ती बंद कराए गए तो उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी । उन्होंने कहा कि देहरादून के एसएसपी से संपर्क करके व्यापारियों की सुरक्षा की मांग की जाएगी।

उन्होंने कहा कि व्यापारी वर्ग किसी भी रूप मे बंद के आह्वान का समर्थन नहीं करता है। अंकिता भण्डारी हत्याकांड मामले में जब सरकार ने सीबीआई जांच की संस्तुति भी कर दी,ऐसी स्थिति में इस बंद का कोई औचित्य नहीं है,इसलिए दून उद्योग व्यापार मण्डल की सभी दुकानें व प्रतिष्ठान रोज की खोले जाएंगे।

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