दुर्ग , मार्च 12 -- छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बड़े पैमाने पर की जा रही अफीम की खेती का पर्दाफाश किया है। पुलगांव थाना क्षेत्र में करीब पांच एकड़ से अधिक जमीन पर उगाई गई अफीम की फसल को पुलिस ने जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब आठ करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हाल ही में संयुक्त टीम ने ग्राम समोदा, झेनझरी और सिरसा के बीच स्थित खेत में छापेमारी की थी। जांच के दौरान पता चला कि खेत में मक्का और भुट्टे की फसल के बीच चतुराई से अफीम के पौधे लगाए गए थे, ताकि बाहरी लोगों को इस अवैध खेती का अंदेशा न हो सके।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पूरे क्षेत्र का निरीक्षण कर लगभग पांच एकड़ से अधिक जमीन में फैली अफीम की खेती को जब्त किया। मामले में मादक औषधि एवं मनोरोगी पदार्थ अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस ने इस मामले में पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें विकास बिश्नोई (जोधपुर), विनायक ताम्रकार (दुर्ग) और मनीष उर्फ गोलू ठाकुर (समोदा) शामिल हैं।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि अफीम की खेती के लिए बीज उपलब्ध कराने में राजस्थान के जोधपुर निवासी छोटू राम (62) की अहम भूमिका थी। फरार चल रहे आरोपी की तलाश में पुलिस टीम राजस्थान पहुंची और उसे वहां से गिरफ्तार कर दुर्ग लाया गया, जिसकी जानकारी गुरवार को दुर्ग पुलिस ने दी।

जांच के दौरान पुलिस ने खेती में इस्तेमाल किए जा रहे कई भारी उपकरण भी जब्त किए हैं। इनमें दो ट्रैक्टर, दो जेसीबी, दो मोटरसाइकिल और एक हार्वेस्टर शामिल हैं। जब्त किए गए इन वाहनों और मशीनों की कुल कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपये आंकी गई है। वहीं आरोपी छोटू राम के पास से 2220 रुपये नकद और एक स्मार्टफोन भी बरामद किया गया है।

यह पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल के निर्देशन में एसीसीयू दुर्ग, थाना पुलगांव और चौकी जेवरा-सिरसा की संयुक्त टीम ने की। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।

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