दुमका , जनवरी 05 -- झारखंड के दुमका जिले के शिकारीपाड़ा प्रखंड मुख्यालय स्थित चौक पर सोमवार को एक ई-रिक्शा चालक की हत्या के विरोध में परिजनों और ग्रामीणों ने शव को राष्ट्रीय राजमार्ग 114ए पर रखकर जाम कर दिया।
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि हत्या में शामिल सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए और मृतक के परिजनों को मुआवजा दिया जाए। जाम के कारण दुमका-रामपुरहाट मार्ग पर यात्री व मालवाहक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
घटना शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के शिमला ढाका गांव का जमीन विवाद बताया जा रहा है। रविवार को विवाद सुलझाने के लिए एक पक्ष के लोग ई-रिक्शा चालक सफारुद्दीन मियां के वाहन से थाना जा रहे थे। इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोगों ने ई-रिक्शा को रोक लिया और चालक से यह कहते हुए उलझ गए कि वह किसकी तरफदारी कर रहा है। विवाद बढ़ने पर आरोप है कि सफारुद्दीन के साथ लात-घूंसे और लाठी से बेरहमी से पिटाई की गई।
गंभीर रूप से घायल सफारुद्दीन को पहले शिकारीपाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां से दुमका मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने उन्हें वर्धमान भेज दिया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
सोमवार को जैसे ही शव गांव पहुंचा, परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और शव को लेकर शिकारीपाड़ा थाना से कुछ दूरी पर स्थित बीच चौक पहुंचकर एनएच-114ए को जाम कर दिया।
सूचना पर थाना प्रभारी अमित लकड़ा मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि संबंधित पदाधिकारियों के पहुंचने पर उचित मुआवजा और आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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