भिण्ड , दिसंबर 28 -- मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में पुलिस ने राजस्थान के एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह साइबर ठगी से प्राप्त रकम को म्यूल अकाउंट यानी किराये पर लिए गए बैंक खातों के माध्यम से ट्रांसफर कर कुछ ही दिनों में खाते बंद कर देता था। जांच में सामने आया है कि पूरे नेटवर्क का संचालन दुबई से किया जा रहा था।
पुलिस के अनुसार भिण्ड जिले के छह बैंक खातों के जरिए मात्र तीन माह में तीन करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन हुआ है। इसके अलावा 15 अन्य संदिग्ध खातों की पहचान कर उन्हें फ्रीज कराने की कार्रवाई जारी है। मामले में दो एजेंटों के नाम भी सामने आए हैं, जिनमें एक मध्यप्रदेश के भिण्ड और दूसरा उत्तरप्रदेश के इटावा का निवासी है।
मामले की शुरुआत 19 दिसंबर 2025 को ऊमरी थाना क्षेत्र से हुई, जब मोबाइल दुकानदार मनदीप सोनी ने शिकायत दर्ज कराई। आरोपियों ने उसे लोन दिलाने का झांसा देकर उसका बैंक खाता, एटीएम कार्ड, सिम, आधार और पैन कार्ड ले लिया। बाद में उसके दोस्तों चेतन श्रीवास और बद्रीनारायण सहित अन्य लोगों के खातों का भी दुरुपयोग किया गया।
भिण्ड पुलिस अधीक्षक डॉ. असित यादव के निर्देश पर गठित संयुक्त टीम ने राजस्थान से संजय, इस्तियाक सैफी, राजेश रुलानियां, राहुल सैनी और उमेश जाट को गिरफ्तार किया है। मामले का खुलासा करते हुए ऊमरी थाना प्रभारी शिवप्रताप सिंह राजावत ने बताया कि आरोपी जयपुर से साइबर ठगी की ऑनलाइन राशि को मैनेज करते थे। ये लोग एजेंटों के जरिए बैंक खाते किराये पर लेते या लोगों को झांसे में लेकर खातों की जानकारी हासिल करते थे।
एक खाते को कुछ ही दिनों तक इस्तेमाल किया जाता था, जिसके बदले खातेधारक को 25 हजार रुपये दिए जाते थे। खातों में आई रकम का 70 प्रतिशत दुबई में बैठी टीम को हवाला, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन या बिटकॉइन के माध्यम से भेजा जाता था, जबकि 30 प्रतिशत आरोपी अपने पास रखते थे। पुलिस को भिण्ड के छोटे यादव और इटावा के अभिषेक यादव के एजेंट होने की जानकारी मिली है।
जब्ती में एक अर्टिगा कार, आठ मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, सिम कार्ड, कार्ड रीडर, पैन कार्ड, आधार कार्ड, एटीएम कार्ड, पासबुक और चेकबुक शामिल हैं। पुलिस के अनुसार आमतौर पर साइबर ठगी के मामलों में असली मास्टरमाइंड तक पहुंचना मुश्किल होता है, लेकिन इस बार ठग खुद ही जाल में फंस गए।
बताया गया कि मनदीप सोनी के खाते में लगभग 10 लाख रुपये ट्रांसफर हुए, जिसकी जानकारी मिलने पर उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस के मार्गदर्शन में मनदीप ने चेक के जरिए यह राशि निकाली। इसके बाद रकम वापस लेने के लिए जब ठग भिण्ड पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
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