नयी दिल्ली , नवम्बर 18 -- राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय ने प्रत्येक वर्ष लाखों लोगों के सड़क दुर्घटनाओं में मारे जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि इस वैश्विक समस्या से निपटने के लिए दुनिया को एकजुट होने की आवश्यकता है। विश्वविद्यालय के यातायात प्रबंधन एवं सड़क सुरक्षा केंद्र में हर वर्ष नवंबर के तीसरे रविवार को सड़क दुर्घटनाओं में मारे गये लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए विश्व सड़क यातायात पीड़ित स्मृति दिवस का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष भी स्कूल ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एंड स्मार्ट पुलिसिंग के अंतर्गत यातायात प्रबंधन एवं सड़क सुरक्षा केंद्र ने गुजरात परिसर में एक कैंडल मार्च का आयोजन किया। इस वर्ष सभा को समन्वयक विश्व विजय राय ने संबोधित किया।
इस अवसर पर उल्लेख किया गया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की 'ग्लोबल स्टेटस रिपोर्ट' 2023 के अनुसार दुनिया भर में हर साल लगभग 11 लाख 90 हजार लोग सड़क दुर्घटनाओं के कारण मरते हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो की 2023 की रिपोर्ट के अनुसार देश में सड़क दुर्घटनाओं के कारण हर वर्ष लगभग एक लाख 70 हजार लोगों की मौत होती है।
राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के छात्रों और कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर सड़क दुर्घटना के मृतकों को श्रद्धांजलि दी जिसके बाद एक शपथ ग्रहण समारोह और कैंडल मार्च का आयोजन किया गया।
यह कहा गया कि सड़क सुरक्षा एक वैश्विक समस्या है और सड़क दुर्घटनाओं के खतरे से निपटने के लिए दुनिया को एकजुट होने की आवश्यकता है।
राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा और कानून प्रवर्तन के क्षेत्र में शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण के लिए भारत का अग्रणी संस्थान है। आंतरिक सुरक्षा और स्मार्ट पुलिसिंग स्कूल (एसआईएसएसपी) सख्त और संवेदनशील, आधुनिक और गतिशील, सतर्क और जवाबदेह, विश्वसनीय और उत्तरदायी, और तकनीकी रूप से कुशल और प्रशिक्षित (स्मार्ट) पुलिसिंग के सिद्धांतों को मूर्त रूप देता है। अपने शैक्षणिक और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से, यह स्कूल कानून प्रवर्तन अधिकारियों को तेजी से परस्पर जुड़ती दुनिया में आधुनिक पुलिसिंग और सार्वजनिक सुरक्षा की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करता है।
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