मैमनसिंह , जनवरी 08 -- बंगलादेश पुलिस की जासूसी शाखा ने मैमनसिंह के भालुका में स्थानीय हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या करने वाली भीड़ का नेतृत्व करने के एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है।
मैमनसिंह के अतिरिक्त पुलिस निरीक्षक (प्राधिकरण) अब्दुल्ला अल मामून ने बताया कि 25 वर्षीय संदिग्ध मोहम्मद यासीन अराफात को सात जनवरी को ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस के अधिकार क्षेत्र के सरुलिया इलाके से गिरफ्तार किया गया ।उन्होंने बताया कि अराफ़ात काशर की शेखबारी मस्जिद में इमाम के तौर पर काम कर रहा था और मदीना तहफ़िज़ुल कुरान मदरसा में पढ़ाता भी था। हत्या के बाद वह छिप गया और 12 दिनों तक सरुलिया के अलग-अलग मदरसों में घूमता रहा। गिरफ्तारी से बचने की कोशिश करते हुए बाद में वह सुफ़्फ़ा नाम के एक मदरसे में शिक्षक बन गया।
जांचकर्ताओं ने बताया कि संदिग्ध ने हत्या में "मुख्य भूमिका" निभाई थी और घटना के बाद से वह लगभग दो हफ्तों से फरार था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, चश्मदीद गवाहों के बयान के आधार पर अराफ़ात को आरोपियों की सूची में शामिल किया गया है। पुलिस ने आरोप स्थापित करने के लिये उस फैक्ट्री के दरवाज़े से संबंधित बयान लिये हैं, जहां से दीपू चंद्र दास को उठाया गया था। साथ ही पुलिस हिरासत में मौजूद अन्य संदिग्धों के बयान भी दर्ज किये गये हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित