नयी दिल्ली , नवंबर 10 -- दीपावली पर्व को विश्व की अमूर्त सांस्कृतिक विरासतों की सूची में अंकित करने की संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) यूनेस्को की बुधवार को की गयी घोषणा पर उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे हर भारतवासी के लिए गौरव का क्षण बताया है।
श्री राधाकृष्णन ने सोशल मीडिया पर एक बयान में कहा कि यह वैश्विक मान्यता प्रत्येक भारतीय के लिए अत्यंत गौरव का क्षण है। इस विषय पर एक्स पर अपने पोस्ट में उप राष्ट्रपति ने कहा, ' दीपावली केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि एक सभ्यतागत परंपरा है जो राष्ट्र को एकजुट करती है और विश्व भर में गूंजती है।" उन्होंने कहा कि यह पर्व भारत की बहुसंस्कृतिवाद, विविधता और सामाजिक एकता का प्रतीक है, साथ ही आशा, सद्भाव और अंधकार पर प्रकाश तथा अधर्म पर धर्म की विजय का शाश्वत संदेश भी देता है। उन्होंने इस अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और मानवता के लिए इसके चिरस्थायी संदेश का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री मोदी ने यूनेस्को के निर्णय का स्वागत करते हुए प्रभु श्रीराम से लोगों का मार्गदर्शन करने की कामना की है।
श्री मोदी ने एक्स पर लिखा, "देश और दुनिया के लोगों में गजब का उत्साह है। दीपावली हमारी संस्कृति और मूल्यों के बेहद करीब है। यह हमारी सभ्यता की आत्मा है। यह ज्ञान और धर्म का प्रतीक है। यूनेस्को की अमूर्त विरासत सूची का हिस्सा बनने के बाद दीपावली को दुनिया भर में और अधिक लोकप्रियता मिलेगी। मैं उम्मीद करता हूं कि प्रभु श्रीराम के आदर्श हमेशा ऐसे ही हमारा मार्गदर्शन करते रहें।"उल्लेखनीय है कि यूनेस्को की नयी दिल्ली में हुई बैठक में बुधवार को दीपावली को 'अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची' में शामिल करने का फैसला लिया गया। दीपावली महापर्व को 'यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची' की सूची में अंकित किये जाने के निर्णय संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि भारत और विश्वभर के उन समुदायों के लिए अत्यंत गौरव का क्षण है जो दीपावली की शाश्वत भावना को जीवित रखते हैं।
उन्होंने कहा कि यह त्योहार 'तमसो मा ज्योतिर्गमय' के सार्वभौमिक संदेश का प्रतीक है, जो अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने की भावना को दर्शाता है और आशा, नवजीवन तथा सद्भाव का प्रतिनिधित्व करता है।
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