नयी दिल्ली , अक्टूबर 21 -- राष्ट्रीय राजधानी में स्थित सफदरजंग अस्पताल में दिवाली से जुड़ी जलने की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

बर्न्स, प्लास्टिक और मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग की एक आंतरिक सर्वे के अनुसार 19 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक केवल दो दिनों में दिवाली से संबंधित कुल 129 जलने के मामले दर्ज किए गए।

आंकड़ों से पता चलता है कि दिवाली की पूर्व संध्या 20 अक्टूबर की स्थिति विशेष रूप से गंभीर थी और अधिकांश मामले इसी दिन सामने आये। अकेले उसी दिन 113 मरीजों ने त्योहार से संबंधित जलने के बाद अस्पताल में भर्ती करायी गयी। पटाखों से लगी चोटें सबसे ज़्यादा 103 मामलों में पायी गयीं जबकि पारंपरिक तेल के दीयों से 10 लोग हताहत हुए।

विवरण से पता चलता है कि ज़्यादातर मरीज़ों का ओपीडी में बाह्य रोगी के रूप में इलाज किया गया लेकिन चिंताजनक संख्या में ऐसे मरीज थे जिन्हें ज़्यादा गंभीर देखभाल के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। गत 20 अक्टूबर को पटाखों और दीयों से जले 15 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

इसके विपरीत इस अवधि के दौरान त्योहारों से संबंधित नहीं बल्कि सर्जिकल बर्न के मामलों में भर्ती होने वालों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही।

अस्पताल की सलाहकार, प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष डॉ. सुजाता साराबाही की हस्ताक्षरित यह रिपोर्ट बार-बार सुरक्षा अभियानों के बावजूद त्योहारों से संबंधित चोटों से उत्पन्न होने वाली लगातार जन स्वास्थ्य चुनौती पर प्रकाश डालती है। जनगणना जारी थी और रिपोर्ट के समय तक लक्ष्मी पूजन (21 अक्टूबर) के आँकड़े पूरी तरह से संकलित नहीं किए गए थे।

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