नयी दिल्ली , अक्तूबर 21 -- लोकसभा सांसद बैजयंत पांडा की अध्यक्षता में गठित दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक, 2025 संबंधी प्रवर समिति ने विशेषज्ञों/उद्योग संघों/संगठनों/स्टेकहोल्डरों से विधेयक पर विचार/सुझाव आमंत्रित किये हैं।

लोकसभा सचिवालय के अनुसार दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक की प्रवर समिति ने मंगलवार को इस संबंध में सुझाव मांगे । उन्होंने कहा कि सभी इच्छुक व्यक्ति दो सप्ताह के भीतर अंग्रेजी/हिंदी में ज्ञापनों/सुझावों की दो प्रतियां निदेशक, एससीआईबीसी, लोक सभा सचिवालय, कमरा संख्या 439, संसदीय सौध, नयी दिल्ली, दूरभाष संख्या 23034439/ 23034999 को भेज सकते हैं और ईएसएससीआईबीसी-सीईएलएल डॉट संसद डॉट इन पर ई-मेल कर सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि बैजयंत पांडा की अध्यक्षता में बनी प्रवर समिति में डॉ. डी. पुरंदेश्वरी, डॉ. सीएन मंजूनाथ, मितेश पटेल बकाभाई, अनिल फिरोजिया, डॉ. आनंद कुमार, बिप्लब कुमार देब, डॉ. संजय जयसवाल, सौमित्र खान, कार्ति पी. चिदंबरम, श्रेयस एम. पटेल, रवींद्र वसंतराव चव्हाण, भजन लाल जाटव, नीरज मौर्य, थिरु डीएम कथिर आनंद, सुप्रिया सुले, लवू श्रीकृष्ण देवरायलू, महुआ मोइत्रा, सुनील कुमार, श्रीकांत शिंदे, नवस्कनी के, पीवी मिधुन रेड्डी, डॉ. राजकुमार सांगवान और चंद्र प्रकाश चौधरी शामिल हैं।

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