रांची , जनवरी 11 -- झारखंड स्टेट राइफल एसोसिएशन की आम बैठक (एजीएम) आज होटल एन. एच. हिल, पारडीह जमशेदपुर में हुई जिसमें पिछले वर्ष की आम बैठक की कार्यवाही का अनुमोदन किया गया।

इसके बाद सेक्रेटरी जेनरल उत्तम चंद ने अपना विस्तृत रिपोर्ट साझा किया। वर्ष 2025-26 का आय और व्यय पर चर्चा किया गया एवं उसे सर्वसम्मति से पास किया गया। वर्ष 2025-26 के लिए मेसर्स गोबिन्द अग्रवाला एण्ड एसोसिएट को ऑडिटर के रूप में चुना गया।

अध्यक्ष दिवाकर सिंह ने बताया कि 2025-2029 के लिए इलेक्शन ऑफ ऑफिस बेयरर एण्ड एक्जीक्यूटिव कमिटि मेम्बर के लिए 15 दिसंबर2025 को रिटर्निंग ऑफिसर एडवोकेट रविन्द्र कुमार द्वारा इलेक्शन का सर्कुलर जारी किया गया था जिसमें इलेक्शन प्रोसिड्योर की विस्तृत जानकारी दी गयी थी तथा इसी बायलॉज के तहत इलेक्शन करायी गयी।

रिटर्निंग ऑफिसर एडवोकेट रविन्द्र कुमार ने आज बताया कि ऑफिस बेयरर में सारे लोग र्निविरोध चुने गये जिनमें प्रेसिडेंट में दिवाकर सिंह, सेक्रेटरी जेनरल में उत्तम चंद, ऑनररी ट्रेजर में नित्यानंद सिंह, वाइस प्रेसिडेंट में विनय कुमार एवं कुमार देव रंजन, जॉइंट सेक्रेटरी में मधुर अग्रवाल, सेक्रेटरी में जयेश अमीन एवं मृत्युंजय राय शामिल हैं। एक्जीक्यूटिव कमिटि मेम्बर्स में 8 पद थे जिसमें 10 नामांकन हुआ जिसके लिए आज वोटिंग हुई और जिसमें 8 एक्जीक्यूटिव मेम्बर विजयी हुए। एग्जीक्यूटिव कमिटी मेंबर चुने जाने वालों में अमर कुमार सिन्हा, अरविंद कुमार ओझा, आजाद कुमार पाठक, गौरव राज सिंह, मयुरी मुखर्जी, नीतीश कुमार, रंजन कुमार और विवेक पंकज शामिल है। इस इलेक्शन की कार्यवाही की देख-रेख के लिए झारखंड ऑलोम्पिक एसोसिएशन द्वारा अपने अब्जॉर्बर के रूप में आनंद बिहारी दूबे को भेजा गया था।

उल्लेखनीय है दिवाकर सिंह वर्तमान में नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के गवर्निंग बॉडी मेम्बर है। उन्होंने झारखंड स्टेट राइफल एसोसिएशन का निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाने पर सभी मेम्बरों एवं सभी जिला संघों को धन्यवाद दिया।

श्री सिंह ने कहा कि आगामी चार सालों में किस तरह झारखंड से बच्चे नेशनल लेवल पर पदक जीते इसके लिए एक विस्तृत प्लान बनानी है। उन्होंने नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया को भी धन्यवाद दिया जिनका निरंतर सहयोग मिलता रहा है।

श्री सिंह ने बताया कि आगामी मार्च के महीने में नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा राइफल एण्ड पिस्टल में एन. आर. ए. आई. नेशनल कोचेस कोर्स झारखंड में कराने का निर्णय लिया गया है। इससे झारखंड के स्थानीय कोच को फायदा होगा और शूटिंग के नई-नई तकनीक भी सीख सकेंगे।

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