नयी दिल्ली , नवंबर 22 -- राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने निजी कामकाज वाले कार्यालयों को अपने कार्यस्थल पर 50 फीसदी कर्मचारियों के साथ काम करने और शेष 50 प्रतिशत के घर पर रह कर ही काम करने (वर्क फ्रॉम होम) की एडवाइजरी जारी की है।

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने शनिवार को कहा कि यह कदम एहतियात के तौर पर लिया गया है ताकि प्रदूषण की स्थिति को संतुलित किया जा सके।उन्होंने कहा कि ग्रैप-3 के दौरान दिल्ली सरकार हर जरूरी कदम तेज़ी से उठा रही है। हमारा फोकस साफ हवा, पब्लिक हेल्थ और ग्राउंड पर रियल टाइम मॉनिटरिंग का है। सरकार लगातार हालात पर नजर रख रही है और खासकर बच्चों, बुजुर्गों और संवेदनशील समूहों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दे रही है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार पहले ही एमसीडी और दिल्ली सरकार के सभी दफ्तरों के लिए अलग अलग टाइमिंग लागू कर चुकी है, जो फरवरी 2025 तक जारी रहेंगी। एमसीडी दफ्तर सुबह 8:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक चलेंगे, जबकि दिल्ली सरकार के दफ्तर 10:00 बजे से शाम6:30 बजे तक काम करेंगे। इससे पीक आवर्स में वाहनों की भीड़ कम होगी और प्रदूषण पर भी नियंत्रण रहेगा।

श्री सिरसा ने कहा, "ये सभी कदम बड़े स्तर पर चलाए जा रहे प्रदूषण नियंत्रण ड्राइव का हिस्सा हैं। दिल्ली ग्राउंड लेवल और जिम्मेदारी के साथ काम कर रही है और इससे आस-पास के राज्यों को भी प्रदूषण नियंत्रण के उपायों में मदद मिल रही है।

उन्होंने निजी कार्यालयों से अपील की है कि वे इस एडवाइजरी को सभी शाखाओं और टीमों तक पहुंचाएं और इसका पालन सुनिश्चित करें।

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