नयी दिल्ली , दिसंबर 07 -- राष्ट्रीय राजधानी में पेयजल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य के जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) को शहर की जलापूर्ति प्रणाली के निरीक्षण और निगरानी को तेज करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।
आधिकारिक निर्देश के अनुसार, डीजेबी को प्रदूषण की किसी भी संभावना को रोकने के लिए तत्काल और निरंतर उपाय करने का निर्देश दिया गया है, विशेष रूप से उन संवेदनशील क्षेत्रों में जहां पानी की पाइपलाइनें, सीवर लाइनों के करीब हैं।
आदेश में कहा गया है, "दिल्ली जल बोर्ड स्थापित मानदंडों के अनुसार जल आपूर्ति पाइपलाइनों का नियमित निरीक्षण कर रहा है और जल गुणवत्ता की निगरानी कर रहा है।" इस मुद्दे की गंभीरता पर जोर देते हुए हालांकि मंत्री ने अधिकारियों को जन स्वास्थ्य की सुरक्षा के प्रयासों को बढ़ाने का निर्देश दिया।
प्रमुख निर्देशों में से एक यह है कि दिल्ली जल बोर्ड को सभी जल आपूर्ति पाइपलाइनों का नियमित निरीक्षण तेज करना होगा, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां पेयजल लाइनें सीवर लाइनों के पास बिछी हैं, ताकि किसी भी रिसाव, क्षति या पानी दूषित के संभावित बिंदुओं का तुरंत पता लगाकर उनकी मरम्मत की जा सके।
मंत्री ने उपचार संयंत्रों से लेकर वितरण क्षेत्रों और उपभोक्ता केंद्रों तक, सभी स्तरों पर निर्धारित मानकों के अनुसार बार-बार नमूने लेकर और परीक्षण करके जल गुणवत्ता निगरानी को मजबूत करने का भी आदेश दिया है।
जनता की शिकायतों का शीघ्र निपटान अनिवार्य कर दिया गया है। निर्देश के अनुसार, बोर्ड के अधिकारियों को जल गुणवत्ता, गंध, स्वाद या रंग परिवर्तन से संबंधित जनता की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी, जिसमें मौके पर जाकर सत्यापन और सुधारात्मक कार्रवाई जल्द से जल्द करना शामिल है।
इसके अतिरिक्त, पाइपलाइन नेटवर्क के कमजोर या पुराने हिस्सों की पहचान करने के लिए आवधिक बुनियादी ढांचा ऑडिट का आदेश दिया गया है, ताकि पीने योग्य पानी की आपूर्ति में अनुपचारित या बाहरी दूषित पदार्थों के मिश्रण को रोकने के लिए प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत या प्रतिस्थापन किया जा सके।
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