नयी दिल्ली , दिसंबर 10 -- दिल्ली सरकार जल्द ही होटल और रेस्तरां उद्योग के लिए लाइसेंसिंग प्रक्रिया में बड़े सुधार लागू करने जा रही है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को यह घोषणा एफएचआरएआई और एचआरएएनआई द्वारा आयोजित "शिखर सम्मेलन 2025 - विकसित दिल्ली, विकसित पर्यटन और आतिथ्य" के उद्घाटन सत्र में की। उन्होंने कहा कि अग्नि शमन के लिये लाइसेंस अब थर्ड-पार्टी ऑडिट के माध्यम से जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही होटल और रेस्तरां से जुड़े अन्य जरूरी लाइसेंसों को एकल खिड़की व्यवस्था के तहत उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कदम राजधानी में "ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस" को नई गति देगा और वर्षों से लंबित लाइसेंस मामलों को तेज़ी से निपटाने में मदद करेगा।

श्रीमती गुप्ता कहा कि यह निर्णय हाल ही में हुई दिल्ली-एनसीआर फायर समीक्षा बैठक में लिया गया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पिछली सरकारों ने लाइसेंस जारी करने के कई महत्वपूर्ण मामलों को अधर में छोड़ दिया था, जबकि वर्तमान सरकार इन्हें प्राथमिकता के आधार पर हल करने के लिए प्रतिबद्ध है। श्रीमती गुप्ता ने कहा, "हम दिल्ली को एक ऐसा वैश्विक शहर बनाना चाहते हैं जो उद्यमियों, पर्यटकों और उद्योग जगत - सभी के लिए सहज और आकर्षक बने।"राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने होटल और रेस्तरां मालिकों को अपनी इमारतों पर मिस्ट फॉगिंग लगाने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि दिल्ली के कुछ प्रमुख इलाकों में यह तकनीक पहले से लागू की जा चुकी है और इसे पूरे एनसीआर में चरणबद्ध रूप से बढ़ाया जाएगा।

एफएचआरएआई के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार जायसवाल ने आग्रह किया कि होटल उद्योग को एंटी-स्मॉग गन की जगह ड्राई-फॉग टेक्नोलॉजी वाले टिकाऊ और कम लागत वाले विकल्प उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा ईटिंग हाउस लाइसेंस और पुलिस क्लियरेंस समाप्त करने के निर्णय को उद्योग के लिए ऐतिहासिक बताया।

सम्मेलन में सात राज्यों के किसान उत्पादक संगठनों ने जीआई टैग उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई, जिससे हॉस्पिटैलिटी और कृषि क्षेत्र के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ। एचआरएएनआई की सतत पर्यटन चेयरपर्सन अंकिता जायसवाल ने कहा कि यह पहल किसानों की पहचान और बाजार पहुंच बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम है।

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