नयी दिल्ली , जनवरी 05 -- राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार सुबह घने कोहरे की चादर छायी रही। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 'खराब' श्रेणी में बना रहा, जिससे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाईअड्डे पर उड़ान संचालन में बाधा आयी।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, सुबह आठ बजे तक दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 260-262 रहा और लगातार दूसरे दिन भी यह 'खराब' श्रेणी में बना रहा। कई इलाकों में प्रदूषण स्तर चिंताजनक रहा।

अक्षरधाम में एक्यूआई 294 रिकॉर्ड किया गया तो आईटीओ में 253-256 दर्ज किया गया। दोनों 'खराब' श्रेणी में हैं। आनंद विहार में ज्यादा खराब देखी गयी, जहां एक्यूआई 320 रहा। इससे यह 'बहुत खराब' श्रेणी में आया। चांदनी चौक सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से एक था, जहां एक्यूआई 337 रहा। अन्य स्थान जैसे अलीपुर (275), बुराड़ी (216), द्वारका सेक्टर-8 (288) और मुंडका (281) भी 'खराब' श्रेणी में रहे। वहीं, आया नगर (178), बवाना (195), आईजीआई हवाईअड्डा (153), आईआईटी दिल्ली (192), लोधी रोड (182) और एनएसआईटी द्वारका (171) में 'मध्यम' वायु गुणवत्ता स्तर दर्ज किया। घने कोहरे और धुंध से सुबह दृश्यता कम कर दी। इस कारण आईजीआई हवाईअड्डे पर कई उड़ानें देरी से उड़ी। अधिकारियों ने यात्रियों को यात्रा से पहले उड़ान का शेड्यूल जांच करने की सलाह दी है।

सर्दियों के मौसम में कम तापमान, शांत हवाएं और हवा में अधिक नमी के कारण प्रदूषक सतह के पास ही जमा हो गये हैं। इससे वायु गुणवत्ता लंबे समय से खराब बनी हुई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि लगातार बना रहने वाला धुंध बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी वाले लोगों के लिए जोखिम बढ़ा सकता है।

दूसरी ओर, हवा की गुणवत्ता में आये सुधार के मद्देनजर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) उप-समिति ने शुक्रवार शाम को दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों से 'स्टेज-3' के प्रतिबंध हटा लिये हैं।

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