नयी दिल्ली , अप्रैल 08 -- दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अंतरराज्यीय एटीएम ठगी गिरोह के एक सरगना को गिरफ्तार किया है, जो राजधानी में 50 से अधिक धोखाधड़ी और ठगी के प्रयासों के मामलों में कथित रूप से शामिल था।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान 36 वर्षीय रवि कुमार भारती के रूप में हुई है, जो बिहार के गया जिले का निवासी है। उसे इंटर स्टेट सेल (आईएससी) ने निगरानी और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पकड़ा।
क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी गिरोह का मास्टरमाइंड था, जो खासकर बुजुर्ग एटीएम उपयोगकर्ताओं को निशाना बनाता था। यह मामला तब सामने आया जब पश्चिम विहार के एक निवासी ने शिकायत दर्ज कराई कि पिछले साल सितंबर में उनके साथ एटीएम से 35,000 रुपये की ठगी हुई थी।
क्राइम ब्रांच के डीसीपी आदित्य गौतम ने बताया कि शुरुआती जांच में दो आरोपी-रोशन कुमार और पिंटू कुमार-को गिरफ्तार किया गया था, जिन्होंने पूछताछ में रवि कुमार भारती को इस गिरोह का सरगना बताया।
जांच में सामने आया कि गिरोह सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम देता था। आरोपी एटीएम कार्ड स्लॉट में चिपकने वाला पदार्थ (एडहेसिव) लगाकर कार्ड फंसा देते थे और कियोस्क पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर चिपका देते थे।
जब पीड़ित मदद के लिए कॉल करते थे, तो आरोपी खुद को बैंक अधिकारी बताकर उनसे पिन नंबर हासिल कर लेते थे। इसके बाद वे कार्ड निकालकर धोखाधड़ी से पैसे निकाल लेते थे। पुलिस ने बताया कि क्राइम ब्रांच की टीम ने छतरपुर के राजपुर खुर्द इलाके में छापा मारकर आरोपी को गिरफ्तार किया।
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