नयी दिल्ली , दिसम्बर 04 -- दिल्ली प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने राष्ट्रीय राजधानी में कैंसर के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त की है और प्रदेश सरकार से प्रदूषण नियंत्रण के लिए स्थायी उपाय करने तथा कैंसर के प्रति जागरुकता अभियान चलाने की गुजारिश की ।

श्री यादव ने इंडियन कौंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के नेशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम के दिल्ली में कैंसर के मामलों को लेकर जारी आंकड़ों पर चिंता व्यक्त करते हुए संवाददाताओं से कहा कि राजधानी में बढ़ते कैंसर के मामले डराने वाले है और यह संख्या हर वर्ष बढ़ती जा रही है। वर्ष 2024 में 28387 कैंसर के मामले सामने आए है। वर्ष 2023 में जहां यह आंकड़ा 27561 था, जबकि 2022 में कैंसर के मरीज 26735 थे। उन्होंने कहा कि कैंसर एक ऐसा दहशत का शब्द है, जिसे लोग सुनते ही अपनी जिंदगी का अंत मान लेते हैं। उन्होंने कहा कि पहले दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार और अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की रेखा गुप्ता सरकार अस्पतालों में कैंसर के इलाज के लिए आधुनिक सुविधाएं तक मुहैया नही करा पायी।

उन्होंने कहा कि देश में कैंसर के मामले डराने वाले है क्योंकि 2024 में 15.33 लाख से अधिक मामले दर्ज हुए है, जबकि राजधानी दिल्ली में 28,387 मामले सामने आए, जो जनसंख्या घनत्व के मुताबिक देश भर में सबसे अधिक है। कैंसर विशेषज्ञों ने भी कहा है कि कैंसर के लिए जीवनशैली से जुड़े कारकों के साथ राजधानी में जहरीली हवा, तनाव, उड़ते धूल कण और प्रदूषण भी मुख्य तौर पर जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि ऐसे में भाजपा सरकार को प्रदूषण नियंत्रण के लिए स्थायी उपाय करने की जरुरत तो है कि इसके साथ मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को दिल्ली भर में कैंसर के प्रति जागरुकता अभियान चलाना चाहिए।

दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली की प्रदूषित हवा फेंफड़ों के कैंसर के लिए जोखिम को और बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि मिलावटी खाद्य पदार्थ सहित तंबाकू और शराब का उपयोग भी कैंसर का बड़ा कारण है, लेकिन यह तंबाकू और शराब सरकार की मंजूरी से बिकता है। इससे करोड़ों रुपये का राजस्व भी अर्जित होता है। इसलिए सरकार की जिम्मेदारी है कि वह कैंसर के मरीजों के लिए चिकित्सा सुविधाओं, जांच और मुफ्त दवाइयों का इंतजाम कराए। दिल्ली का गरीब आदमी निजी अस्पतालों में अपना इलाज नहीं करा सकता, जबकि दिल्ली सरकार के अस्पतालों की हालत बदहाल हो चुकी है। उन्होंने कहा कि बड़े दुर्भाग्य की बात है कि दिल्ली में सरकार की लापरवाही की वजह से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों की नकली दवाएं खुले तौर पर बिकती हैं जिसके कारण लोगों को इन बीमारियों से इलाज की जगह मौत मिल रही है ।

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