नयी दिल्ली , दिसंबर 05 -- दिल्ली पुलिस ने 23 नवंबर के इंडिया गेट प्रदर्शन के सिलसिले में 23 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया। प्रदर्शनकारियों पर महिला अधिकारियों पर हमला करने और उनकी इज्जत धूमिल करने, एक कांस्टेबल पर मिर्च स्प्रे का इस्तेमाल करने और एक नक्सल के समर्थन में नारे लगाने जैसे गंभीर आरोप हैं।

एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

पुलिस ने गुरुवार को एक मजिस्ट्रेट कोर्ट में मामले से जुड़ी जांच रिपोर्ट पेश की।

प्रदर्शनकारी 23 नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी में बिगड़ते प्रदूषण संकट का विरोध करने के लिए इकट्ठा हुए थे। स्थिति तब बिगड़ गई जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस अधिकारियों पर मिर्च स्प्रे का इस्तेमाल किया। पुलिस स्टेशन पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस अधिकारियों के बीच बहस हुई।

इस संबंध में कर्तव्य पथ पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया और आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस रिपोर्ट में विरोध-प्रदर्शन आयोजित करने, नक्सली माडवी हिडमा का समर्थन करने, डिजिटल पोस्टर बांटने, ग्रुप्स के जरिए भीड़ को समन्वित करने, अधिकारियों को रोकने, महिला कर्मचारियों पर हमला करने और पेपर स्प्रे रखने जैसे आरोप शामिल हैं।

पुलिस के मुताबिक प्रदर्शन मुख्य रूप से भगत सिंह छात्र एकता मंच के सदस्यों ने आयोजित किया था, जिसे अधिकारियों ने 'मुख्य साजिश करने वाला समूह' बताया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि कई आरोपियों को वीडियो में माडवी हिडमा के समर्थन में नारे लगाते और इंडिया गेट और पार्लियामेंट स्ट्रीट के पास सड़कें रोकते हुए देखा जा सकता है।

पहले आरोपी गुरकीरत की पहचान बीएससीईएम के अध्यक्ष और ग्रुप के चैनलों के प्रशासक के तौर पर हुई है। पुलिस का आरोप है कि वह दो और सदस्यों के साथ हैदराबाद में प्रतिबंधित रेडिकल स्टूडेंट्स यूनियन के सालाना आयोजन में शामिल हुई और नक्सलियों के समर्थन में नारे लगाए।

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