नयी दिल्ली , जनवरी 01 -- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को कहा कि उनकी सरकार दिल्ली को एक 'सुविधा संपन्न और विकसित' राजधानी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
श्रीमती गुप्ता ने आज अपनी सरकार के सभी विभागों के प्रमुखों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में स्पष्ट किया कि उनकी सरकार दिल्ली को एक 'सुविधा संपन्न और विकसित' राजधानी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस विजन को साकार करने के लिए उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को एक विशेष 'टास्क' दिया है, जनोपयोगी योजनाएं बनाएं और उन्हें इसी वर्ष अमल में लाएं।
उन्होंने कहा, "अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि मैं समझ सकती हूं कि आप सभी इस ओहदे तक पहुंचने के लिए न जाने कितनी मेहनत करते हुए यहां पहुंच पाए हैं। आप वे लोग हैं जिनके पास पावर भी है, अथॉरिटी भी है और विज़न भी है।"मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उनकी शक्ति का अहसास कराते हुए कहा कि दुनिया में करोड़ों युवा इन पदों का सपना देखते हैं, लेकिन आज आप उस स्थिति में हैं जहां से आप परिवर्तन ला सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब भी देश में किसी बड़े बदलाव या सफल मॉडल की बात होती है, चाहे वह मेट्रो हो या इंदौर का स्वच्छता मॉडल, उसके पीछे किसी न किसी कर्मठ अधिकारी की मेहनत होती है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दिल्ली को भी अब ऐसे ही 'आइकॉनिक' प्रयासों की जरूरत है।
उन्होंने शासन की कार्यशैली में एक बड़े बदलाव का संकेत देते हुए अधिकारियों को सीधे जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने कहा कि सरकार जन-हितैषी योजनाएं चाहती हैं ताकि आम जन सुखी व संतुष्ट हो। इन योजनाओं को धरती पर उतारने में अधिकारी खासी मेहनत करते हैं। उन्होंने कहा कि वह सभी विभागों के प्रमुखों को टास्क देती हैं कि वे जनोपयोगी और जनता के हितों से जुड़ी योजनाओं को इसी वर्ष अमल में लाएं। अधिकारी योजनाएं बनाएं, हमसे विचार-विमर्श करें और उसे अमली जामा पहनाएं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली के पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य, परिवहन और महिला एवं बाल विकास जैसे हर विभाग में अभी बहुत काम होना बाकी है। पिछले 10 महीनों में सरकार ने 'गाड़ी का इंजन वॉर्म-अप' कर लिया है और अब रफ्तार पकड़ने का समय है।
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