नयी दिल्ली , जनवरी 07 -- दिल्ली विधानसभा में सिख गुरु तेग बहादुर के अपमान के मामले में दिल्ली सरकार के सभी मंत्रियों ने विपक्ष की नेता आतिशी की सदस्यता रद्द करने उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है।

दिल्ली के कैबिनेट मंत्रियों ने बुधवार को इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता को एक पत्र सौंपा, जिसमें सुश्री आतिशी की सदस्यता रद्द करने की मांग की। इस पत्र में प्रवेश साहिब सिंह, मनजिंदर सिंह सिरसा, आशीष सूद, कपिल मिश्रा, डाॅ पंकज कुमार सिंह और रविन्द्र इंद्राज के हस्ताक्षर हैं।

पत्र में कहा गया है कि देश की आजादी से लेकर आज तक किसी भी सदन में किसी भी सदस्य के द्वारा किसी भी गुरु के संबंध में इस तरह की अभद्र, शर्मनाक, मर्यादाविहीन भाषा का उपयोग नहीं किया गया है। उन्होंने पत्र में कहा कि सुश्री आतिशी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाना चाहिए और उनकी विधानसभा की सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सदन के माध्यम से गुरु तेग बहादुर का अपमान करने वालों का स्थान सदन नहीं बल्कि तिहाड़ जेल है।

उल्लेखनीय है कि सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा विधायकों ने सुश्री आतिशी पर सिख गुरुओं के अपमान का आरोप लगाकर उनसे माफ़ी मांगने को कहा। सत्तापक्ष के सदस्यों ने इस मामले को लेकर आसन के समीप आकर हंगामा और नारेबाजी करने करने लगे जिसकी वजह से सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी।

विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने हंगामा कर रहे सदस्यों से शांति बनाने और अपने स्थान पर जाने की अपील करते रहे रहे लेकिन नारेबाजी जारी रही। विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि यह बहुत ही खेद का विषय है। विपक्ष के नेता ने जो वक्तव्य दिया वह निंदनीय है। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर के सम्मान में चर्चा हो रही थी उस दौरान असंसदीय भाषा का प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि यह मामला गंभीर है इस पर विपक्ष को माफी मांगनी चाहिए। इस प्रकार के शब्द का प्रयोग निंदनीय है। इस संवेदनशील मामले में अभद्र शब्दों का प्रयोग सही नहीं है। नेता विपक्ष को सदन में आकर स्पष्टीकरण देना चाहिए। गुरुओं के सम्मान में जो अपशब्द का प्रयोग किया वह सर्वथा निंदनीय है।

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