नयी दिल्ली , नवंबर 13 -- दिल्ली के पर्यावरण और उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा है कि राजधानी के औद्योगिक क्षेत्रों का पुनर्विकास इस तरह से किया जा रहा है कि बुनियादी ढांचा बेहतर हो और धूल प्रदूषण में भी स्थायी रूप से कमी आए।
श्री सिरसा ने गुरुवार को दिल्ली राज्य औद्योगिक और अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (डीएसआईआईडीसी) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्रों में चल रहे रखरखाव और सड़कों के पुनर्विकास कार्यों की समीक्षा की।
उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में हमारी सरकार ऐसे स्थायी समाधान ला रही है जो केवल मरम्मत तक सीमित नहीं हैं। दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्रों का पुनर्विकास इस तरह से किया जा रहा है कि बुनियादी ढांचा बेहतर हो और धूल प्रदूषण में भी स्थायी रूप से कमी आए। यह काम विज्ञान आधारित और व्यावहारिक तरीके से किया जा रहा है।"उद्योग मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी नई सड़कों के निर्माण से पहले पावर केबल, टेलीकॉम लाइन और पानी की पाइपलाइन जैसी सेवाओं के लिए डक्ट बिछाए जाएं ताकि आगे खुदाई की ज़रूरत न पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि हर कार्य की निगरानी सख्ती से की जाए ताकि समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा हो सके।
श्री सिरसा ने कहा, "दिल्ली की सड़कें गड्ढामुक्त रहें और खुले भू-भागों पर धूल का फैलाव रोका जाए इस दिशा में सभी एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। इससे वायु गुणवत्ता में सुधार आएगा साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में कामगारों और परिवहन नेटवर्क के लिए भी सुरक्षा और सुविधा बढ़ेगी।"उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बायोमास और कचरे के खुले में जलाने को रोकने के लिए जागरूकता अभियान को और मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्य स्थानीय स्तर पर प्रदूषण के प्रमुख कारण हैं और इन्हें रोकना सर्दियों में बेहद ज़रूरी है।
श्री सिरसा ने डीएसआईआईडीसी और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया कि मैकेनिकल रोड स्वीपिंग, नियमित पानी का छिड़काव और ऊँची इमारतों पर स्मॉग गन की स्थापना सुनिश्चित की जाए ताकि धूल के उत्सर्जन पर नियंत्रण रखा जा सके।
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