नयी दिल्ली , नवंबर 20 -- दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने दोहरे बंधक और जाली संपत्ति दस्तावेज़ों के गिरोह में शामिल 37 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।

एक अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान धीरज कुमार उर्फ प्रवेश शर्मा के रूप में हुई है जो संपत्ति धोखाधड़ी और दोहरे बंधक रैकेट का मास्टरमाइंड है।

उन्होंने बताया कि आरोपी लगभग 15 वर्षों से फरार था और एक व्यापक तकनीकी एवं खुफिया अभियान के बाद उसे राजस्थान के भरतपुर में गिरफ्तार कर लिया गया।

ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (अब पीएनबी) के वरिष्ठ प्रबंधक (ए/आर) सुपिंदर पाल सिंह की शिकायत पर यह मामला 15 मार्च, 2019 को दर्ज किया गया था।

जांच दल ने पाया कि कुमार और उसके साथियों ने रोहिणी सेक्टर-20 के पॉकेट-12 स्थित एक संपत्ति के जाली दस्तावेज तैयार किए और उसे दो राष्ट्रीयकृत बैंकों में धोखाधड़ी से गिरवी रख दिया, जिससे ऋणदाताओं को 44.95 लाख रुपये का नुकसान हुआ।

अधिकारी ने अपने बयान में बताया कि कुमार बार-बार अपना नाम बदलकर और फर्जी पहचान बनाकर गिरफ्तारी से बच रहा था। उसने पहले प्रवेश शर्मा की पहचान अपनाई और ऋण धोखाधड़ी में इस्तेमाल किए गए जाली दस्तावेजों से मिलान करने के लिए अपने आधार विवरण में कई बार बदलाव भी किया। बाद में पकड़े जाने से बचने के लिए उसने फिर से अपनी पहचान बदलकर धीरज सिंह कर ली।

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