नयी दिल्ली , मार्च 25 -- दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क के तार पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश से जुड़े हुए हैं। पुलिस ने आरोपियों को गिरोह के प्रमुख सदस्य बताते हुए कहा कि उनके कब्जे से विदेशी निर्मित अत्याधुनिक हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया गया है।
अपराध शाखा के उपायुक्त संजीव कुमार यादव ने बताया कि यह कार्रवाई एंटी-रॉबरी एंड स्नैचिंग सेल (एआरएससी) के नेतृत्व में की गई, जिसने पुरानी दिल्ली क्षेत्र में सक्रिय इस नेटवर्क का खुलासा किया। पुलिस ने 21 अत्याधुनिक हथियार बरामद किए हैं, जिनमें चेक गणराज्य में बना सबमशीन गन, विभिन्न विदेशी कंपनियों की सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और 200 से अधिक जिंदा कारतूस शामिल हैं।
जांच के अनुसार इस गिरोह का सरगना शाहबाज अंसारी है, जो उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का निवासी है और 2025 में अंतरिम जमानत पर रिहा होने के बाद बांग्लादेश से इस नेटवर्क का संचालन कर रहा था।
पुलिस के मुताबिक अंसारी का नाम 2022 में पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या से भी जुड़ा रहा है और उस पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग को हथियार आपूर्ति करने का संदेह है।
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह पाकिस्तान से हथियार मंगवाता था, जिन्हें नेपाल के रास्ते स्क्रैप के रूप में छिपाकर भारत लाया जाता था। बाद में इन्हें जोड़कर भारत में तस्करी के जरिए पहुंचाया जाता था। इसके बाद इन हथियारों को दिल्ली-एनसीआर और अन्य राज्यों में सक्रिय आपराधिक गिरोहों तक पहुंचाया जाता था। इस मामले में पहली सफलता 13 मार्च को मिली, जब दरियागंज के पास तीन आरोपियों को पिस्टल और गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार किया गया। इसके बाद दिल्ली और उत्तर प्रदेश में छापेमारी कर सात अन्य आरोपियों को भी पकड़ा गया, जिनमें सप्लायर, रिसीवर और फर्जी दस्तावेजों के जरिए सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाला एक व्यक्ति भी शामिल है।
पुलिस के अनुसार एक आरोपी ने गिरफ्तारी के दौरान फायरिंग की कोशिश की, लेकिन उसे काबू कर लिया गया। वहीं सिकंदराबाद में एक अन्य आरोपी हथियार के साथ भागने की कोशिश कर रहा था, जिसे झड़प के बाद पकड़ लिया गया। पुलिस ने एक दुर्लभ स्कॉर्पियन सबमशीन गन भी बरामद किया है।
जांच में यह भी सामने आया है कि यह नेटवर्क एन्क्रिप्टेड ऐप, फर्जी सिम कार्ड और हवाला चैनलों का इस्तेमाल कर रहा था, ताकि पुलिस से बचा जा सके। वहीं जांच एजेंसियों ने मानव खुफिया और कॉल डेटा विश्लेषण के जरिए इस पूरे नेटवर्क का पता लगाया।
पुलिस ने कहा कि इस कार्रवाई से उत्तर भारत में सक्रिय संगठित हथियार तस्करी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच जारी है।
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