नयी दिल्ली , जनवरी 01 -- दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने गुरुवार को कहा दिल्लीवासियों ने हमें सेवा का मौका दिया और हमने साफ हवा को अपना पहला संकल्प बनाया।
श्री सिरसा ने कहा कि साल 2025 दिल्ली की हवा में सुधार की मजबूत मिसाल बना। इस साल प्रदूषण के प्रमुख मानकों पीएम 2.5 और पीएम 10 में गिरावट दर्ज की गई। पूरे साल में 79 दिन ऐसे रहे जब वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) एक सौ से नीचे रहा, जबकि एक्यूआई 200 से नीचे वाले दिन 200 तक पहुंच गए, जो 2018 के बाद सबसे बेहतर स्थिति है (कोविड वर्ष 2020 को छोड़कर)। जनवरी से नवंबर तक औसत एक्यूआई 187 रहा - जो पिछले 8 वर्षों में सबसे अच्छा है। गंभीर प्रदूषण (एक्यूआई 400 से ऊपर) वाले दिन सिर्फ 8 रहे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में 2025 में कार्यभार संभालते ही वायु प्रदूषण को सबसे ऊपर रखा। जनता के भरोसे के साथ सरकार ने विज्ञान पर आधारित और ज़मीन पर दिखने वाली रणनीति अपनाई - जिसमें धूल नियंत्रण, वाहन प्रदूषण, उद्योगों पर सख्ती और कचरा प्रबंधन पर एक साथ काम किया गया।
उन्होंने कहा, "दिल्लीवासियों ने हमें सेवा का मौका दिया और हमने साफ हवा को अपना पहला संकल्प बनाया। 2025 के बेहतर एक्यूआई दिन यह साबित करते हैं कि सही नीति और लगातार मेहनत से बदलाव संभव है।"पर्यटन मंत्री ने कहा कि धूल नियंत्रण के लिए सड़कों पर मशीनों से सफाई बढ़ाई गई, 405 एंटी-स्मॉग गन सड़क और ऊंची इमारतों पर लगाई गईं, व्यस्त इलाकों में पानी का छिड़काव हुआ और निर्माण स्थलों पर सख्त नियम लागू किए गए। नियम तोड़ने पर हजारों जगह कार्रवाई की गई। उद्योगों से होने वाले प्रदूषण के मामले में सरकार ने जीरो टॉलरेंस अपनाया। प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों को बंद किया गया, चाहे वे औद्योगिक इलाके में हों या गैर-अनुमत क्षेत्रों में। नियम तोड़ने पर सरकारी एजेंसियों पर भी जुर्माना लगाया गया।
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