मुंबई , दिसंबर 04 -- डॉलर के मुकाबले रुपये के ऐतिहासिक निचले स्तर तक लुढ़कने से घरेलू शेयर बाजारों में गुरुवार को भी बिकवाली हावी रही, हालांकि दिग्गज कंपनियों में तेजी से प्रमुख सूचकांक चार दिन बाद बढ़त के साथ बंद हुए।

बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 158.51 अंक (0.19 प्रतिशत) चढ़कर 85,265.32 अंक पर बंद हुआ।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 सूचकांक भी 47.75 अंक यानी 0.18 फीसदी की बढ़त में 26,033.75 अंक पर बंद हुआ। हालांकि ज्यादा शेयरों वाले सूचकांकों में गिरावट जारी रही।

निफ्टी मिडकैप-100 सूचकांक 0.03 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.24 प्रतिशत लुढ़क गया।

रुपया आज सुबह के कारोबार में 90.43 रुपये प्रति डॉलर के ऐतिहासिक निचले स्तर तक टूट गया जिससे बाजार में निवेश धारणा कमजोर हुई। हालांकि बाद में सार्वजनिक तथा निजी बैंकों के माध्यम से रिजर्व बैंक के डॉलर बेचने से रुपये ने वापसी की।

आईटी में सबसे अधिक तेजी रही। ऑटो, एफएमसीजी, रियलिटी और फार्मा सेक्टरों के सूचकांक बढ़त में रहे। मीडिया, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद और तेल एवं गैस समूहों में गिरावट रही।

एनएसई में कुल 3,212 कंपनियों के शेयरों में आज कारोबार हुआ जिनमें 1,740 में गिरावट और 1,380 में तेजी रही जबकि 92 कंपनियों के शेयर गत दिवस के स्तर पर ही बंद रहे।

सेंसेक्स की 30 में से 18 कंपनियों के शेयर हरे निशान में रहे। टीसीएस का शेयर 1.54 फीसदी चढ़ा। टेक महिंद्रा में 1.28 प्रतिशत और इंफोसिस में 1.24 प्रतिशत की तेजी रही। एचसीएल, भारती एयरटेल, सनफार्मा, बीईएल, ट्रेंट, आईटीसी और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर भी हरे निशान में रहे। इटरनल में 0.69 प्रतिशत की गिरावट रही। मारुति सुजुकी का शेयर 0.54 प्रतिशत टूट गया। कोटक महिंद्रा बैंक, टाइटन, आईसीआईसीआई बैंक और भारतीय स्टेट बैंक के शेयर भी लाल निशान में रहे।

वैश्विक स्तर पर एशिया में जापान का निक्केई 2.33 प्रतिशत और हांगकांग का हैंगसेंग 0.68 प्रतिशत की तेजी में रहा। चीन का शंघाई कंपोजिट 0.06 फीसदी टूट गया। यूरोपीय बाजारों में शुरुआती कारोबार में जर्मनी का डैक्स 0.83 फीसदी और ब्रिटेन का एफटीएसई 0.19 प्रतिशत की बढ़त में था।

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