नोएडा , अप्रैल 23 -- उत्तर प्रदेश के नोएडा सेक्टर 50 स्थित मेदांता हॉस्पिटल ने अपनी उन्नत रोगी देखभाल को और मजबूत करते हुए अत्याधुनिक रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी तकनीक का विस्तार किया है।
इस पहल से मरीजों को विभिन्न अत्यधिक सटीक और न्यूनतम चीर-फाड़ वाली सर्जरी में का लाभ मिलेगा। अस्पताल ने लेटेस्ट रोबोटिक प्रणालियों की उपलब्धता के साथ सर्जिकल आउटपुट और मरीजों के इलाज के अनुभव को नयी दिशा दी है।
दा विंची रोबोटिक सर्जरी सिस्टम, जिसे अब मेदांता में विभिन्न चिकित्सा क्षेत्रों में उपयोग किया जा रहा है, सर्जरी को और अधिक सटीक, कम दर्दनाक और जल्दी रिकवरी वाली प्रक्रिया बना रहा है।
अस्पताल में कैंसर विशेष विभाग के डॉक्टरों की टीम ने गुरुवार को रोबोटिक सर्जरी के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि,मेदांता अस्पताल का यह कदम अस्पताल के विजन का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत वर्ल्ड-क्लास इनोवेशन को मरीजों के नजदीक लाकर बेहतर सर्जिकल आउटकम सुनिश्चित किया जा रहा है। यह नयी तकनीक हेड एंड नेक कैंसर, गायनेकोलॉजी, जीआई सर्जरी, ब्रेस्ट एंड एंडोक्राइन सर्जरी, यूरोलॉजी, किडनी ट्रांसप्लांट और चेस्ट सर्जरी जैसे क्षेत्रों में प्रभावी सर्जिकल सॉल्यूशंस प्रदान करेगी। अस्पताल ने अब इन सब क्षेत्रों में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू कर दी है, जिससे मरीजों को एडवांस्ड और पर्सनलाइज्ड सर्जिकल ट्रीटमेंट मिल सकेगा।
रोबोटिक सर्जरी में दा विंची सिस्टम का इस्तेमाल खासतौर पर जटिल और संवेदनशील अंगों की सर्जरी में किया जाता है। इसमें उच्च गुणवत्ता की थ्री डी विज़ुअलाइजेशन और उन्नत मैनिपुलेशन की सुविधा मिलती है, जिससे सर्जरी का नतीजा अधिक सटीक और सुरक्षित होता है। रोबोटिक सर्जरी में चूंकि चीरे छोटे होते हैं, इसलिए सर्जरी के बाद रिकवरी भी जल्दी होती है और मरीजों को कम दर्द का सामना करना पड़ता है।
रोबोटिक्स, एमआईएस और जनरल सर्जरी के निदेशक डॉ. सुधीर शर्मा ने बताया कि दा विंची रोबोटिक सिस्टम सर्जन को बेहतर नियंत्रण, फ्लेक्सिबिलिटी और विज़ुअलाइजेशन देता है, जिससे सर्जरी की सटीकता बढ़ती है, और सर्जिकल कॉम्प्लिकेशन कम होते हैं। इसके परिणामस्वरूप मरीज जल्दी ठीक होते हैं और उनकी सामान्य गतिविधियों में वापसी जल्दी होती है।
डॉ. आलोक ठक्कर (हेड एंड नेक कैंसर, थायरॉयड और पैराथायरॉयड सर्जरी) ने कहा, "इस तकनीक की मदद से हम जटिल एनाटॉमिकल क्षेत्रों में भी सटीक इलाज कर पाते हैं, जिससे स्पीच और स्वॉलोइंग की क्षमता में सुधार होता है।"डॉ. विवेक टंडन और,डॉ. दीपक गोविल (जीआई सर्जरी, जीआई ऑन्कोलॉजी और बैरियाट्रिक सर्जरी) ने कहा, "रोबोटिक सर्जरी की मदद से हम ट्यूमर को हटाने और रिकंस्ट्रक्शन को ज्यादा सटीक तरीके से कर सकते हैं, जिससे मरीज को कम ब्लड लॉस और जल्दी रिकवरी मिलती है।"डॉ. वी. सीनू (कैंसर केयर, एंडोक्राइन और ब्रेस्ट सर्जरी): "यह प्रणाली सर्जरी में सटीकता और कॉस्मेटिक रिजल्ट को बेहतर करती है, जिससे कैंसर के मरीजों को बेहतर जीवन की गुणवत्ता मिलती है।"डॉ. दुश्यंत नादर (यूरोलॉजी और किडनी ट्रांसप्लांट) ने कहा, "रोबोटिक सर्जरी से यूरोलॉजी और किडनी ट्रांसप्लांट प्रक्रियाएं और अधिक सटीक और कम दर्दनाक हो गई हैं, जिससे मरीजों को जल्दी ठीक होने का लाभ मिलता है।"मेदांता हॉस्पिटल में अब रोबोटिक सर्जरी के जरिए मरीजों को कम दर्द, छोटे चीरे, और तेज रिकवरी की सुविधा मिल रही है। इस नई पहल का उद्देश्य मरीजों को उन इलाज विकल्पों के बारे में जानकारी देना है जो उनके लिए अधिक सुरक्षित, प्रभावी और कम तकलीफदेह हो सकते हैं।
साथ ही, यह अस्पताल अपने मरीजों को उच्चतम स्तर की चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए नवीनतम चिकित्सा उपकरणों और तकनीकों को अपनाकर, देश में प्रमुख हेल्थकेयर प्रदाता के रूप में अपनी स्थिति को और भी सुदृढ़ कर रहा है।
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