रांची , जनवरी 25 -- झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा मुख्यमंत्री की दावोस एवं लंदन यात्रा को लेकर दिया गया बयान पर पलटवार करते हुए झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया चेयरमैन सतीश पौल मुंजनी ने कहा कि पूरी तरह भ्रामक, तथ्यहीन और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है।
जानबूझकर जनता को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि यह दौरा झारखंड में निवेश, रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को गति देने के स्पष्ट उद्देश्य से किया गया है।
यह सर्वविदित है कि दावोस का औपचारिक कार्यक्रम 23 जनवरी को समाप्त होता है, लेकिन निवेशकों और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ बैठकों की प्रक्रिया वहीं समाप्त नहीं हो जाती। इसी क्रम में लंदन में राज्य के हित में उच्चस्तरीय बैठकों और रोड-शो के माध्यम से झारखंड की औद्योगिक, खनिज और मानव संसाधन संभावनाओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जा रहा है। इसे "घूमना" कहना न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि राज्य के हितों के प्रति संकीर्ण और नकारात्मक सोच को भी दर्शाता है।
मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा विदेश जाकर राज्य की ब्रांडिंग और निवेश आकर्षित करना कोई अपराध नहीं, बल्कि आज के प्रतिस्पर्धी संघीय ढांचे में यह प्रत्येक प्रगतिशील राज्य की आवश्यकता है। भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी पूर्व में इसी प्रकार विदेश यात्राएं करते रहे हैं। उस समय बाबूलाल मरांडी जी की यह नैतिक चिंता कहां थी, यह जनता भली-भांति जानती है।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर झंडोत्तोलन को लेकर अनावश्यक और दुर्भाग्यपूर्ण राजनीति की जा रही है। मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में सरकार के वरिष्ठ मंत्री एवं अधिकारी पूरी गरिमा और संवैधानिक मर्यादा के साथ यह दायित्व निभाते हैं। राष्ट्रभक्ति का प्रमाण केवल खोखले आरोपों से नहीं, बल्कि विदेश में रहकर भी राज्य के लिए निवेश और अवसर लाने से मिलता है।
जहां तक टाटा समूह के साथ एमओयू का प्रश्न है, यह कोई कागजी औपचारिकता नहीं, बल्कि पूर्व में किए गए समझौतों के क्रियान्वयन और नए निवेश को आगे बढ़ाने की दिशा में एक ठोस पहल है। यह कहना कि एमओयू यहीं हो सकता था, निवेश प्रक्रिया और वैश्विक नेटवर्किंग की बुनियादी समझ के अभाव को दर्शाता है।
बाबूलाल मरांडी को चाहिए कि वे अनर्गल बयानबाजी छोड़कर यह बताएं कि अपने कार्यकाल में उन्होंने झारखंड के लिए कौन-से ठोस अंतरराष्ट्रीय निवेश लाए। जनता अब आरोप नहीं, परिणाम देखना चाहती है और वर्तमान गठबंधन सरकार वही करके दिखा रही है।
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