बेंगलुरु , अप्रैल 14 -- कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने वरिष्ठ कांग्रेस एमएलसी नसीर अहमद को अपने राजनीतिक सचिव पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। यह कार्रवाई दावणगेरे साउथ विधानसभा उपचुनाव के दौरान कथित "पार्टी विरोधी गतिविधियों" के आरोपों के बीच की गई।

कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग (डीपीएआर) की अधिसूचना के अनुसार, श्री नसीर अहमद की नियुक्ति को निरस्त करते हुए उन्हें पद से मुक्त कर दिया गया है।

सूत्रों के मुताबिक, यह कदम भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उम्मीदवार समर्थ शमनूर के खिलाफ काम करने के आरोपों के बाद उठाया गया। श्री समर्थ शमनूर, वरिष्ठ विधायक शमनूर शिवशंकरप्पा के पोते और मंत्री एसएस मल्लिकार्जुन के पुत्र हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पार्टी पर्यवेक्षकों और ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी द्वारा नियुक्त समन्वयकों ने चुनाव प्रचार के दौरान गंभीर समन्वय की कमी और असंतुष्ट गुटों को कथित समर्थन की शिकायत की थी, जिसके बाद यह फैसला लिया गया।

बताया जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व ने पहले ही श्री नसीर अहमद से इस्तीफा देने को कहा था, लेकिन तय समयसीमा में ऐसा न करने पर श्री रणदीप सिंह सुरजेवाला के निर्देश पर उन्हें पद से हटा दिया गया।

रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि क्षेत्र में उम्मीदवार चयन को लेकर कुछ अल्पसंख्यक नेताओं में असंतोष था, जिसके कारण जमीनी स्तर पर पार्टी की सक्रियता प्रभावित हुई।

इस घटनाक्रम के बाद कर्नाटक कांग्रेस में अंदरूनी मंथन तेज हो गया है। श्री बीजेड जमीर अहमद खान समेत कई वरिष्ठ मंत्रियों को मुख्यमंत्री के साथ चर्चा के लिए बुलाया गया है, ताकि उपचुनाव के बाद उत्पन्न हालात को संभाला जा सके।

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