सहारनपुर , दिसंबर 5 -- देवबंद से 1989 में पाकिस्तान गई एक महिला सालिहा खातून का 200 गज जमीन पर बना मकान उन्हीं के रिश्तेदारों ने फर्जी कागजात तैयार कर हड़प लिया।

इस मामले में देवबंद कोतवाली में एक मुकदमा सैय्यद आरिफ हुसैन पुत्र सैय्यद अकिल हुसैन निवासी मोहल्ला किला ने दर्ज कराई है। पुलिस निरीक्षक अमरपाल शर्मा ने आज बताया कि रिपोर्ट के मुताबिक मोहल्ला किला निवासी सैय्यद अंजर हुसैन और सैय्यद मोहम्मद तैय्यब ने मोहल्ला किला पर स्थित करीब 200 गज में बना मकान कागजों में हेराफेरी करके कब्जा लिया है।

इस मामले की जांच वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक आदेश कुमार को सौंपी गई है। आरोपी सैय्यद अंजर हुसैन देवबंद स्थित एक बड़े इस्लामिक मदरसे असगरिया मदरसा के प्रमुख हैं और साथ ही वह दारूल उलूम देवबंद प्रबंध समिति के सदस्य भी हैं। इस मामले की शिकायत बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने एसएसपी आशीष तिवारी से की थी। एसएसपी ने इस प्रकरण की जांच कराकर देवबंद पुलिस को एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इस प्रकरण की एफआईआर दर्ज कराने वाले सैय्यद आरिफ हुसैन के पिता सैय्यद अकिल हुसैन ने आज पत्रकारों को बताया कि 1989 में सालिहा खातून पाकिस्तान चली गई थी और वहीं की नागरिक बन गई थी और कभी भारत नहीं लौटी। उनकी यह संपत्ति 2017 तक सरकारी रिकार्ड में उन्हीं के नाम पर दर्ज रही। अकिल हुसैन ने बताया कि 1990 के आसपास सालिहा खातून की पाकिस्तान में ही मृत्यु हो गई। उनकी एक बिटिया ईरम अहसन 2011 में भारत आई थी और यहां अपने इन्हीं संबंधियों के यहां कुछ दिन रहकर वापस पाकिस्तान चली गई थी। आरोपियों ने उस दौरान ईरम को बहला-फुसलाकर कुछ कोरे कागजों पर उसके हस्ताक्षर करवा लिए थे। ईरम उस वक्त पाकिस्तान की नागरिक थी और भारत में वह कोई भी अधिकार उस वक्त नहीं रखती थी। सालिहा खातून की यहां छोड़ी गई संपत्ति भारतीय कानून के मुताबिक शत्रु संपत्ति हो गई थी। जिसका स्वामित्व भारत सरकार के पास हो जाना चाहिए था। लेकिन आरोपियों ने साजिशें रचकर और यहां के सरकारी तंत्र को धोखा देकर शत्रु संपत्ति को अवैध रूप से कब्जा लिया और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों से सांठगांठ कर अपने नाम दर्ज करा लिया।

मामले की तफ्तीश कर रहे एसएसआई देवबंद कोतवाली आदेश कुमार ने बताया कि वह इस मामले में तहकीकात कर रहे हैं और जांच पूरी होने पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस निरीक्षक अमरपाल शर्मा ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471, 120-B, 209, आईपीसी-1860 और शत्रु संपत्ति अधिनियम-1968 की धारा 5 लगाई गई है।

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