रांची , जनवरी 09 -- झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के मझगांव प्रखंड के बेनीसागर पंचायत अंतर्गत खड़पोस के पास स्थित तिलोकुटी गांव दांतेल हाथीशुक्रवार की अहले सुबह दो लोगों को मार डाला।
मृतकों में बेनीसागर निवासी 40 वर्षीय प्रकाश मालवा और एक बच्चा शामिल है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक बच्चे की लाश हाथी के दांत में फंस गया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची।
पिछले 48 घंटे से हाथी शांत था पर फिर से उसने उत्पात मचान शुरू कर दिया है। इस हाथी ने पिछले 9 दिनों में 21 लोगों की जान ले चुका है। इधर, हाथी की तलाश में जुटी वन विभाग की टीम को अब तक उसका सही लोकेशन नहीं मिल पाया है। पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा, जमशेदपुर के दलमा और ओडिशा वाइल्ड लाइफ की टीम यहां पहुंची है।
देर रात को इसी कैम्प से जंगल में हाथी की खोजबीन की जा रही है। हाथी के बारे में ग्रामीण अलग-अलग सूचनाएं दे रहे हैं। इसके वेरिफिकेशन के लिए रातभर मशाल लेकर टीम उन जगहों पर पहुंची।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, एक जनवरी से यह हाथी लगातार रिहायशी इलाकों में घुसकर रात के समय लोगों पर हमला कर रहा है। अधिकतर घटनाएं तब हुईं, जब लोग अपने घरों में सो रहे थे। गुरुवार को कोई जनहानि नहीं हुई, जो बीते दिनों में दूसरा ऐसा दिन था।
झारखंड के प्रधान मुख्य वन संरक्षक आशुतोष उपाध्याय और क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक स्मिता पंकज ने चाईबासा पहुंचकर प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।
अधिकारियों ने वनकर्मियों के साथ बैठक की और क्विक रिस्पांस टीम को सक्रिय रखने तथा वन सुरक्षा समितियों को अलर्ट मोड में रखने के निर्देश दिए।
इधर, गुरुवार की देर रात को गुजरात स्थित वनतारा के हाथी एक्सपर्ट को लेकर डीएफओ आदिय नारायण हाट गम्हरिया कैम्प पहुंचे।
वन विभाग ने बताया कि जैसे ही हाथी की सटीक लोकेशन मिलेगी, उसे तत्काल ट्रैंकुलाइज कर सुरक्षित क्षेत्र में स्थानांतरित किया जाएगा। वहीं, ग्रामीणों ने रात में गश्ती बढ़ाने और चेतावनी प्रणाली को मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी और की जान न जाए।
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