नयी दिल्ली , जनवरी 20 -- चालक दल के सदस्यों की तैनाती में 'कुप्रबंधन' के कारण पिछले साल दिसंबर के पहले सप्ताह में बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द करने वाली निजी विमान सेवा कंपनी इंडिगो ने नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) को बताया है कि उसके पास 10 फरवरी तक पर्याप्त संख्या में पायलट उपलब्ध होंगे और 10 फरवरी के बाद उड़ानें रद्द नहीं होंगी।

डीजीसीए में पिछली साप्ताहिक बैठक के दौरान इंडिगो ने सोमवार को बताया कि उड़ानों की मौजूदा मंजूर संख्या के लिए डीजीसीए की फ्लाइट ड्यूटी से संबंधित छूट हटा लेने के बावजूद 10 फरवरी को पायलट की उपलब्धता को देखते हुए उड़ानें रद्द नहीं होंगी। उसने बताया कि 10 फरवरी को उसके पास एयरबस के 2,400 कमांड पायलट होंगे जबकि जरूरत 2,280 पायलट की है। एयरबस के 2,240 को-पायलट होंगे, जबकि जरूरत 2,050 पायलट की है।

विमानन नियामक ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर बैठक की जानकारी साझा करते हुए बताया कि इंडिगो ने डीजीसीए को आश्वस्त किया है कि इन तथ्यों के मद्देनजर 10 फरवरी के बाद कोई उड़ान रद्द नहीं होगी। उसने कहा कि दिसंबर में हुए संकट के बाद इंडिगो को छह दिसंबर 2025 से 10 फरवरी 2026 तक के लिए फ्लाइट ड्यूटी से संबंधित दो नियमों में विशेष छूट दी थी, ताकि उसका वह उड़ानों का परिचालन ठीक से कर सके औरइस दौरान अपने पायलटों की संख्या बढ़ा सके।

डीजीसीए ने साफ कहा है कि उड़ानों में व्यवधान 'पर्याप्त चालक दल के कुप्रबंधन, एयरलाइंस के स्तर पर नियमों के पालन की अनियमित तैयारी सिस्टम सॉफ्टवेयर सपोर्ट, प्रबंधन ढांचे तथा परिचालन नियंत्रण की खामियां' रही थीं।

उल्लेखनीय है कि गत तीन से पांच दिसंबर के बीच इंडिगो की 2,507 उड़ानें रद्द रही थीं और 1,852 उड़ानों में देरी हुई थी। व्यवधान इसके बाद भी जारी रहा था। इस बीच, डीजीसीए ने पांच दिसंबर को एयरलाइंस को विशेष छूट दी थी।

साथ ही, इंडिगो से हर 15 दिन पर रिपोर्ट जमा कराने के लिए कहा गया था। इसके अलावा, उसके अधिकारी हर सप्ताह डीजीसीए की बैठक में स्थिति की रिपोर्ट दे रहे हैं।

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