पटना , दिसंबर 15 -- बिहार की राजधानी पटना स्थित एक विशेष अदालत ने एक दलित की गैर इरादतन हत्या करने के जुर्म में सोमवार को एक व्यक्ति को दस वर्षों के सश्रम कारावास की सजा के साथ दस हजार रूपए का जुर्माना भी किया । अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम की विशेष अदालत के न्यायाधीश पंकज चौहान ने मामले में सुनवाई के बाद पटना जिले के बाईपास थाना क्षेत्र के बाहरी बेगमपुर गांव निवासी मनीष कुमार को भारतीय दंड विधान की धारा 304 के तहत दोषी करार देने के बाद यह सजा सुनाई है । जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दोषी को तीन माह के कारावास की सजा अलग से भुगतनी होगी।
मामले के विशेष लोक अभियोजक श्याम नंदन कुमार सिंह उर्फ संतोष कुमार ने बताया कि मामला वर्ष 2023 का था। उन्होंने बताया कि 11 नवंबर 2023 की सुबह जब भगवान रविदास खेत से अपने घर आ रहे थे तो उन्होंने देखा कि दोषी अपने परिवार वालों के साथ गाली गलौज कर रहा है । मना करने पर दोषी ने अपमान सूचक शब्द का प्रयोग करते हुए लोहे के सरिया से भगवान रविदास के सर पर प्रहार कर दिया जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गये। इलाज के लिए भगवान रविदास को नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन चोट गंभीर होने के कारण उन्हें पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया। इलाज के क्रम में उनकी मृत्यु हो गई। अभियोजन ने इस मामले में आरोप साबित करने के लिए कुल पांच गवाहों का बयान अदालत में कलमबंद करवाया था।
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