दरभंगा, मार्च 10 -- बिहार में दरभंगा जिले की एक अदालत ने मंगलवार को गैर इरादतन हत्या के जुर्म में एक युवक को आठ वर्ष कारावास एवं 10 हजार रूपया अर्थदंड की सजा सुनायी है।
दरभंगा व्यवहार न्यायालय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नागेश प्रताप सिंह की अदालत ने आज अशोक पेपर मिल थाना क्षेत्र के परमार गांव निवासी रवीन्द्र मांझी को भारतीय दंड विधान की धारा 304 (गैर इरातन हत्या) में आठ वर्ष कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं चुकाने पर उसे तीन माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
सहायक लोक अभियोजक अरुण कुमार ने बताया कि परमार गांव निवासी नागे सदा की हत्या की प्राथमिकी मृतक के पुत्र राम भरोस सदा ने एपीएम थाना में दर्ज करायी थी। प्राथमिकी में सूचक ने कहा है कि 23 दिसंबर 22 को उसके पिता खेत पटवन करने गये थे, जो घर नहीं लौटे। बाद में अभियुक्त के बताए स्थल लक्ष्मीनिया पोखरा से पुलिस ने शव बरामद किया। अभियोजन पक्ष से सात गवाहों की गवाही कराई गई। नौ फरवरी को अदालत ने इस केस की सुनवाई पूरी कर अभियुक्त को दोषी घोषित किया था, जिसे आज आठ वर्ष के सश्रम कारावास एवं 10 हजार रूपया अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। दोषी 28 दिसंबर 22 से ही जेल में बंद है।
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